कंबोडिया में ऑनलाइन ठगी के अड्डों का भंडाफोड़

ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों को निशाना बना रहे थे अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह

कंबोडिया में ऑनलाइन ठगी के अड्डों का भंडाफोड़

कंबोडिया–थाईलैंड सीमा के पास स्थित ओ’स्माच शहर में एक परित्यक्त होटल-कैसीनो परिसर से अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी नेटवर्क के चौंकाने वाले सबूत सामने आए हैं। थाई सेना द्वारा हालिया सैन्य कार्रवाई के दौरान इस परिसर पर कब्ज़ा किए जाने के बाद यह खुलासा हुआ कि यहां बड़े पैमाने पर साइबर ठगी और जबरन श्रम (मानव तस्करी) का संचालन किया जा रहा था।

कमरों में बिखरे कपड़े, विभिन्न देशों के झंडे, नकली पुलिस व बैंककर्मी की वर्दियां और अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण इस बात की गवाही देते हैं कि यह स्थान एक संगठित आपराधिक अड्डा था। जांच में सामने आया है कि यहां से ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के नागरिकों को निशाना बनाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी की जा रही थी।

ठगी के लिए बनाए गए नकली सेट

परिसर के अंदर नकली ऑस्ट्रेलियाई पुलिस कार्यालय, बैंक शाखा और आलीशान अपार्टमेंट जैसे सेट बनाए गए थे। इनका इस्तेमाल वीडियो कॉल और फोटो के ज़रिए पीड़ितों को भरोसे में लेने के लिए किया जाता था। आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से फर्जी तस्वीरें और फेस-स्वैप वीडियो कॉल तैयार की जाती थीं, जिससे ठगी और भी विश्वसनीय लगती थी।

जबरन काम करने को मजबूर लोग

जांच एजेंसियों के अनुसार, यहां काम करने वाले अधिकतर लोग स्वयं पीड़ित थे। उन्हें नौकरी का लालच देकर लाया गया और फिर पासपोर्ट जब्त कर, कर्ज़ के जाल में फंसा कर रोज़ 15 घंटे तक काम करने को मजबूर किया गया। लक्ष्य पूरे न होने पर भारी जुर्माने, मारपीट और यातना तक दी जाती थी।

ये लोग कभी खुद को सरकारी अधिकारी बताकर ‘कानूनी कार्रवाई’ की धमकी देते थे, तो कभी प्रेम संबंध बनाकर धीरे-धीरे पीड़ितों से बड़ी रकम ऐंठते थे — जिसे ‘पिग-बचेरिंग स्कैम’ कहा जाता है।

अरबों डॉलर का अवैध कारोबार

संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, ऐसे साइबर ठगी नेटवर्क हर साल लगभग 70 अरब अमेरिकी डॉलर की अवैध कमाई करते हैं। ओ’स्माच को इस नेटवर्क का एक प्रमुख केंद्र माना जा रहा है। पिछले वर्ष यहां से दर्जनों बंधक अपनी जान जोखिम में डालकर भागने में सफल हुए थे।

अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई तेज

हाल के हफ्तों में कई देशों ने इस नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। चीन में इस गिरोह से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार कर कड़ी सज़ा दी गई है, वहीं कंबोडिया और पड़ोसी देशों में फंसे सैकड़ों पीड़ित अपने-अपने दूतावासों से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में फैले ये साइबर ठगी केंद्र आधुनिक गुलामी का नया रूप हैं, जिन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तत्काल और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है।