सिडनी, 27 अगस्त — ऑस्ट्रेलिया के कारोबारी जगत में बड़ा उलटफेर हुआ है। सिडनी स्थित कीमती धातुओं की कंपनी पल्लियन (Pallion) ने खनन क्षेत्र की दिग्गज हॉनकॉक प्रॉस्पेक्टिंग को पछाड़कर न्यू साउथ वेल्स (NSW) की सबसे बड़ी निजी कंपनी का ताज अपने नाम कर लिया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पल्लियन की स्थापना 74 साल पहले एक पोलिश युद्ध शरणार्थी ने की थी। कठिन परिस्थितियों से शुरू हुई यह कंपनी आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं की सबसे बड़ी सप्लाई चेन में गिनी जाती है।
पल्लियन ने पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 94% की राजस्व वृद्धि दर्ज की। यही वजह रही कि वह इस साल पहली बार शीर्ष स्थान पर पहुंच गया।
वहीं, खनन क्षेत्र की महारानी कही जाने वाली जीना राइनहार्ट की कंपनी हॉनकॉक प्रॉस्पेक्टिंग को इस बार राजस्व में करीब 1.2% की गिरावट का सामना करना पड़ा, और उसे दूसरा स्थान मिला।
पल्लियन (Pallion) – कीमती धातु समूह
हॉनकॉक प्रॉस्पेक्टिंग (Hancock Prospecting) – खनन कंपनी
विसी (Visy) – पैकेजिंग व रीसाइक्लिंग
यूनाइटेड पेट्रोलियम (United Petroleum) – ऊर्जा क्षेत्र
VGW होल्डिंग्स – डिजिटल एंटरटेनमेंट
निजी क्षेत्र की शीर्ष 500 कंपनियों की कुल कमाई 2025 में 396.3 अरब डॉलर रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.6% अधिक है। यह दर्शाता है कि ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती से आगे बढ़ रही है और निजी क्षेत्र इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।
यह बदलाव इस बात का सबूत है कि खनन जैसी पारंपरिक ताकतों के बीच भी नवाचार और लचीली रणनीति अपनाने वाली कंपनियां आगे निकल सकती हैं। पल्लियन का शीर्ष पर पहुँचना खासकर इसलिए प्रेरणादायक है क्योंकि यह एक शरणार्थी की मेहनत से शुरू हुई यात्रा का नतीजा है।