न्यू साउथ वेल्स (NSW) की लेबर सरकार ने रविवार को ऑस्ट्रेलिया के पर्यावरण इतिहास में एक अहम घोषणा करते हुए ग्रेट कोआला नेशनल पार्क (Great Koala National Park) की स्थापना का ऐलान किया। इस कदम के साथ ही राज्य की लगभग 20 प्रतिशत कोआला आबादी को लॉगिंग से स्थायी सुरक्षा मिल सकेगी।
कोआला संरक्षण को लेकर ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय से बहस जारी थी। लगातार बढ़ती वनों की कटाई, शहरीकरण और जंगल की आग (Bushfire) ने कोआला की आबादी को गंभीर ख़तरे में डाल दिया था। वैज्ञानिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कोआला विलुप्ति के कगार पर पहुँच सकते हैं।
इसी संदर्भ में ग्रेट कोआला नेशनल पार्क की स्थापना की मांग एक दशक से अधिक समय से उठाई जा रही थी।
176,000 हेक्टेयर राज्यीय वन भूमि को राष्ट्रीय उद्यान में शामिल किया जाएगा।
यह क्षेत्र मौजूदा अभयारण्यों से जुड़कर कुल 4,76,000 हेक्टेयर का विशाल रिज़र्व बनाएगा।
अनुमानित तौर पर इसमें 12,000 से अधिक कोआला स्थायी रूप से सुरक्षित होंगे।
सरकार ने सोमवार से ही लकड़ी की कटाई पर तत्काल रोक (मोराटोरियम) लागू करने का आदेश दिया है।
प्रकृति संरक्षण परिषद (Nature Conservation Council) की सीईओ जैक्वी मम्फर्ड ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा:
“यह NSW में दशकों बाद सबसे बड़ी पर्यावरणीय जीत है। आज से 176,000 हेक्टेयर मूल्यवान वन और उनमें रहने वाले हजारों कोआला हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएंगे। यह न केवल प्रकृति की जीत है, बल्कि स्थानीय समुदायों की भी जीत है, जिन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया।”
हालांकि, इस फैसले से लकड़ी उद्योग और उससे जुड़े मज़दूर प्रभावित होंगे। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने एक "समग्र सहायता पैकेज" की घोषणा की है। इस पैकेज के तहत प्रभावित कामगारों को पुनर्वास, प्रशिक्षण और वैकल्पिक रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
कोआला ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय प्रतीक माना जाता है। पर्यावरणविदों का मानना है कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए कोआला की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से लड़ने में भी मदद करेगा।
यह घोषणा ऑस्ट्रेलिया में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर संरक्षण आंदोलनों के लिए एक प्रेरणा बनेगी।