गुरुग्राम डूबा, सड़कों पर महाजाम

मूसलाधार बारिश और जलभराव से रफ्तार थमी, लोग घंटों जाम में फंसे

गुरुग्राम डूबा, सड़कों पर महाजाम

गुरुग्राम। सोमवार शाम को हुई तेज़ मूसलाधार बारिश ने गुरुग्राम शहर को थमा दिया। चंद घंटों की बारिश ने शहर की सड़कों को तालाब में बदल दिया और जगह-जगह जलभराव से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। एक्सप्रेसवे से लेकर अंदरूनी गलियों तक वाहन रेंगते रहे और हजारों लोग घंटों जाम में फंसे रहे।


मुख्य सड़कों पर बुरी तरह प्रभावित यातायात

दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर जलभराव के कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। दफ्तरों से लौट रहे कर्मचारियों की गाड़ियां घंटों तक धीरे-धीरे खिसकती रहीं। सोहना रोड, गोल्फ कोर्स रोड, झील चौक और एमजी रोड जैसे प्रमुख इलाकों की स्थिति भी ऐसी ही रही। कई जगह छोटे वाहन पानी में बंद हो गए और लोगों को उन्हें धक्का लगाकर निकालना पड़ा।


ऑफिस से घर लौटना बना दुश्वार

बरसात के समय दफ्तर से घर लौटने वाले हजारों कर्मचारी सबसे ज्यादा परेशान हुए। सामान्य दिनों में 30-40 मिनट का सफर करने वालों को तीन से चार घंटे तक जाम में जूझना पड़ा। बस अड्डों और मेट्रो स्टेशनों के बाहर भी यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। ऑटो और कैब सेवाएं महंगी दरों पर मिलने लगीं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।


प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल

हर साल बारिश में गुरुग्राम की यही तस्वीर सामने आती है, लेकिन इस बार हालात और भी बिगड़े नज़र आए। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहरवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद जलभराव की समस्या का समाधान नहीं निकला। नागरिकों का आरोप है कि नालों की सफाई समय पर नहीं हुई और खराब ड्रेनेज सिस्टम ने हालात और बिगाड़ दिए।


लोगों की नाराज़गी और सोशल मीडिया पर आक्रोश

सोशल मीडिया पर लोगों ने जाम और जलभराव की तस्वीरें व वीडियो साझा कर प्रशासन को घेरा। कई लोगों ने गुरुग्राम को ‘मिलेनियम सिटी’ कहे जाने पर तंज कसते हुए लिखा कि “थोड़ी सी बारिश हुई नहीं कि शहर डूब गया।” ट्विटर और फेसबुक पर ‘#GurugramJam’ और ‘#Waterlogging’ जैसे हैशटैग ट्रेंड करते रहे।


विशेषज्ञों की राय

शहरी योजनाकारों का कहना है कि गुरुग्राम की तेज़ी से बढ़ती आबादी और बेतरतीब निर्माण ने प्राकृतिक जल निकासी प्रणाली को चौपट कर दिया है। अगर प्रशासन अभी भी नहीं चेता तो आने वाले सालों में स्थिति और भयावह हो सकती है।


निष्कर्ष

मूसलाधार बारिश ने गुरुग्राम की चमक-दमक के पीछे छिपी खामियों को एक बार फिर उजागर कर दिया। सड़कों पर घंटों जाम, जलभराव और बेहाल लोग इस बात का सबूत हैं कि शहर को अभी भी बुनियादी ढांचे और प्रभावी योजना की सख्त ज़रूरत है