प्रिंसेस केट की कैंसर जंग का खुलासा: जीवन और मौत से जूझी थीं केट मिडलटन

प्रिंसेस केट की कैंसर जंग का खुलासा: जीवन और मौत से जूझी थीं केट मिडलटन

ब्रिटेन की राजपरिवार की सदस्य और प्रिंसेस ऑफ वेल्स, केट मिडलटन की कैंसर से जंग कितनी गंभीर थी, इसका असली खुलासा अब सामने आया है। नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2024 में उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई थी कि डॉक्टरों को भी उम्मीद नहीं थी कि वे इस कठिन समय से बाहर आ पाएंगी। विशेषज्ञों ने इसे "जीवन के लिए संघर्ष" बताया है।

'ट्रूपर' बनीं केट: कीमोथेरेपी के दौरान शाही कार्यक्रम में शिरकत

15 जून 2024 को, केट मिडलटन ने ‘ट्रूपिंग द कलर’ नामक शाही समारोह में हिस्सा लिया। उस समय वे कीमोथेरेपी ले रही थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपने जानी-पहचानी मुस्कान के साथ उन्होंने जनता का अभिवादन किया। लेकिन उस दिन, उनके सुंदर जेनी पैकम ड्रेस के भीतर एक मेडिकल 'पोर्ट' छिपा हुआ था।

यह ‘पोर्ट’ एक चिकित्सा उपकरण होता है, जो शरीर में कीमोथेरेपी दवाओं या अन्य तरल पदार्थों को पहुंचाने के लिए उपयोग किया जाता है।

राजसी मुस्कान के पीछे छिपा था दर्द

जनवरी 2025 में यह जानकारी सामने आई थी कि केट मिडलटन चेल्सी स्थित 'रॉयल मार्सडन हॉस्पिटल' की नियमित मरीज थीं। इस दौरान उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि उन्हें अस्पताल के पिछले दरवाज़ों से कई बार गुप्त रूप से आना-जाना पड़ता था। इस पूरी प्रक्रिया को उन्होंने "बहुत गोपनीय" बताया था।

राजमहल की चुप्पी और दुनिया की चिंता

केंसिंग्टन पैलेस ने उनकी बीमारी की प्रकृति को लेकर कोई जानकारी पहले साझा नहीं की थी। केवल यह बताया गया था कि उन्हें कैंसर है और वे उपचार करवा रही हैं। लेकिन अब सामने आई जानकारी से यह स्पष्ट हो गया है कि 2024 में उनकी स्थिति बेहद गंभीर थी और वे बेहद भाग्यशाली हैं कि उन्होंने इस कठिन समय को पार किया।

आगे की राह

प्रिंसेस केट फिलहाल कैंसर से उबरने की राह पर हैं और 'रीमिशन' (cancer remission) की स्थिति में हैं। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रक्रिया अभी भी काफी संवेदनशील है और उन्हें विशेष देखभाल की आवश्यकता है।

ब्रिटिश जनता और दुनियाभर के प्रशंसकों ने उनके साहस, धैर्य और सकारात्मकता की सराहना की है।