नई दिल्ली, 15 अगस्त।
देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान की हालिया परमाणु धमकियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ शब्दों में कहा कि भारत किसी भी प्रकार की गीदड़भभकियों से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, "हम शांति में विश्वास रखते हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। यदि कोई हमें धमकी देगा, तो उसका जवाब उसी भाषा में दिया जाएगा।"
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हाल ही में पाकिस्तान द्वारा दिए गए परमाणु हथियार संबंधी बयानों को गैर-जिम्मेदाराना और क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों की पहल की है, लेकिन आतंकवाद और परमाणु ब्लैकमेल की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
लाल किले से देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, आधुनिक सैन्य क्षमता और अंतरिक्ष तकनीक में हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल सीमा पर ही नहीं, बल्कि समुद्र, आकाश और अंतरिक्ष में भी अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने में सक्षम है।
पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पाकिस्तान की ओर से दिए जा रहे परमाणु धमकी भरे बयानों की आलोचना हो रही है। प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल पड़ोसी देश के लिए चेतावनी है, बल्कि यह दुनिया को भी यह बताता है कि भारत शांति चाहता है, मगर अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।