नई दिल्ली, 16 फरवरी।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज से ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ का भव्य शुभारंभ होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस वैश्विक आयोजन में 30 से अधिक देशों के 300 से ज्यादा प्रतिनिधि, नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग जगत के दिग्गज हिस्सा लेंगे।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को मानव सभ्यता के भविष्य को आकार देने वाली क्रांतिकारी तकनीक माना जा रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में आयोजित यह सम्मेलन एआई के जन-केंद्रित उपयोग, समावेशी विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहेगा।
सम्मेलन के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा करेंगे कि किस प्रकार एआई तकनीक का उपयोग आमजन के जीवन को बेहतर बनाने और सामाजिक असमानताओं को कम करने के लिए किया जा सकता है।
आयोजन में एआई के नैतिक उपयोग, डेटा सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। सरकार का जोर इस बात पर रहेगा कि तकनीकी प्रगति का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और डिजिटल खाई को कम किया जा सके।
सम्मेलन में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि एआई क्षेत्र में साझेदारी, निवेश और शोध सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। इससे भारत को वैश्विक एआई हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के वैश्विक आयोजनों से न केवल तकनीकी नवाचार को गति मिलेगी, बल्कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्राप्त होगी।
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो के माध्यम से भारत एक बार फिर यह संदेश देने की तैयारी में है कि तकनीक का उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि मानवता की भलाई और सतत भविष्य सुनिश्चित करना है।