मध्य पूर्व शांति पहल में भारत को अहम भूमिका, गाजा पीस बोर्ड के लिए पीएम मोदी को ट्रंप का निमंत्रण

मध्य पूर्व शांति पहल में भारत को अहम भूमिका, गाजा पीस बोर्ड के लिए पीएम मोदी को ट्रंप का निमंत्रण

वॉशिंगटन/नई दिल्ली।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच शांति प्रयासों को नई दिशा देने के लिए भारत को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी सौंपी गई है। अमेरिका ने गाजा में स्थायी शांति की रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से गठित किए जा रहे गाजा पीस बोर्ड में भारत को शामिल होने का आमंत्रण दिया है। इस पहल के तहत पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बोर्ड का सदस्य बनने के लिए आमंत्रित किया है।

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की इस पहल में भारत के साथ कुल पांच देशों को शामिल किया जा रहा है, जिनसे क्षेत्र में स्थिरता, मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण के लिए ठोस सुझाव मांगे जाएंगे। भारत को यह जिम्मेदारी उसकी संतुलित विदेश नीति, वैश्विक मंचों पर विश्वसनीयता और संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में शांति स्थापना के अनुभव को देखते हुए दी गई है।

कूटनीतिक हलकों में इसे भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। गाजा संकट पर भारत पहले ही मानवीय सहायता भेज चुका है और लगातार बातचीत व कूटनीति के जरिए समाधान की वकालत करता रहा है। ऐसे में गाजा पीस बोर्ड में भारत की मौजूदगी से न केवल क्षेत्रीय शांति प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि भारत की आवाज भी अंतरराष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में और प्रभावी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल के जरिए अमेरिका एक व्यापक और बहुपक्षीय ढांचा खड़ा करना चाहता है, ताकि गाजा में युद्धविराम के साथ-साथ दीर्घकालिक राजनीतिक समाधान, पुनर्निर्माण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हालांकि, भारत सरकार की ओर से इस निमंत्रण पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि नई दिल्ली इस भूमिका को गंभीरता से ले रही है। यदि भारत इस बोर्ड का हिस्सा बनता है, तो यह मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया में उसकी अब तक की सबसे बड़ी और प्रत्यक्ष भागीदारी मानी जाएगी।