नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि अमेरिकी मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच के साथ हुई बातचीत बेहद रचनात्मक और भविष्य की दिशा तय करने वाली रही। मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने इस समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है।
वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया—
“भारत और अमेरिका ने आपसी लाभकारी समझौते की दिशा में ठोस प्रगति की है। वार्ता सकारात्मक और आगे बढ़ने वाली रही। दोनों देशों ने प्रयास तेज करने पर सहमति जताई है ताकि समझौता जल्द ही अंतिम रूप ले सके।”
मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि कुछ तकनीकी मुद्दों और नीतिगत मतभेदों पर सहमति बनते ही व्यापार समझौते पर ठोस नतीजे सामने आ सकते हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता दोनों देशों के लिए नए अवसर लेकर आएगा।
भारत को लाभ – निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे, खासकर कृषि उत्पाद, वस्त्र, औषधि और आईटी सेवाओं के क्षेत्र में।
अमेरिका को फायदा – निवेश और तकनीक हस्तांतरण के ज़रिए भारतीय बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी मज़बूत करने का अवसर मिलेगा।
दोनों देशों को लाभ – औद्योगिक सहयोग, टेक्नोलॉजी साझेदारी और आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) को मज़बूती मिलेगी।
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से एक संतुलित व्यापार समझौते की चर्चा चल रही है। कई बार बातचीत आगे बढ़ी, लेकिन टैरिफ, कृषि उत्पादों पर सब्सिडी और डिजिटल व्यापार से जुड़े कुछ मुद्दों पर अड़चन बनी रही। ताज़ा बातचीत में इन अड़चनों को दूर करने पर भी गंभीरता से चर्चा हुई है।
व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में भारत और अमेरिका का यह समझौता रणनीतिक दृष्टि से भी अहम होगा। चीन पर निर्भरता घटाने और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिहाज से दोनों देशों का साझेदारी मॉडल नई आर्थिक संभावनाओं को जन्म देगा।