जोधपुर/जैसलमेर। पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के पोकरण फायरिंग रेंज में आज भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ आयोजित किया जाएगा। इस भव्य अभ्यास में देश की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति ‘लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड’ में उड़ान भरकर वायुसेना की क्षमताओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगी। इस दौरान आधुनिक लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
इस अभ्यास की सबसे बड़ी खासियत रूस निर्मित अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 का प्रदर्शन है। भारतीय वायुसेना ने पहली बार एस-400 इंटरसेप्टर प्रणाली का ऑपरेशनल वीडियो जारी किया है, जिसमें इसकी मारक क्षमता और सटीकता को प्रदर्शित किया गया है।
एस-400 दुनिया की सबसे उन्नत लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली रक्षा प्रणालियों में से एक मानी जाती है। यह लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन जैसे खतरों को पहचानकर नष्ट करने में सक्षम है। बताया जाता है कि यह प्रणाली एक साथ 36 लक्ष्यों को ट्रैक कर उन्हें साध सकती है।
‘वायु शक्ति-2026’ के जरिए भारतीय वायुसेना अपनी सामरिक तैयारियों, सटीक हमलावर क्षमता और आधुनिक तकनीक से लैस एयर डिफेंस नेटवर्क का प्रदर्शन करेगी। सीमा के नजदीक आयोजित यह अभ्यास देश की सुरक्षा व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का स्पष्ट संदेश भी देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार एस-400 की तैनाती से भारत की वायु रक्षा क्षमता कई गुना बढ़ी है, जिससे किसी भी हवाई खतरे का मुकाबला अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
आज होने वाला यह अभ्यास न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि ‘आत्मनिर्भर और सशक्त भारत’ की दिशा में बढ़ते कदमों का भी प्रतीक माना जा रहा है।