नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन और "मेक इन इंडिया" पहल को बड़ी मजबूती देते हुए भारतीय वायुसेना के लिए 97 तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमानों की खरीद को अंतिम मंजूरी दे दी है। यह सौदा लगभग 62,000 करोड़ रुपये का है और इसके बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन का रास्ता साफ हो गया है।
यह तेजस लड़ाकू विमानों के लिए दूसरा बड़ा ऑर्डर है। इससे पहले सरकार ने 83 विमानों की खरीद के लिए करीब 48,000 करोड़ रुपये का करार किया था। नए ऑर्डर से वायुसेना को पुराने मिग-21 बेड़े को चरणबद्ध तरीके से हटाने में मदद मिलेगी।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इस सौदे से न केवल वायुसेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि देश में रक्षा क्षेत्र से जुड़े छोटे और मध्यम उद्यमों को भी बड़ा व्यावसायिक अवसर मिलेगा। विमान में 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे एयरोस्पेस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में HAL को लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और इंजन निर्माण के कई बड़े ऑर्डर मिले हैं। पीएम मोदी खुद 2022 में तेजस विमान में उड़ान भर चुके हैं, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की किसी फाइटर जेट में पहली उड़ान थी।
तेजस मार्क-1ए को शुरुआती 40 तेजस विमानों की तुलना में ज्यादा उन्नत एवियोनिक्स और आधुनिक रडार प्रणाली से लैस किया गया है। यह न केवल देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की तकनीकी क्षमता का भी प्रमाण बनेगा।