ऑस्ट्रेलिया में होने वाले 2032 ओलंपिक की तैयारियों से जुड़ी ब्रिस्बेन की बहुचर्चित स्टेडियम परियोजना को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली है। संघीय पर्यावरण मंत्री मरे वॉट ने एक स्वदेशी (इंडिजिनस) समुदाय की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें स्टेडियम निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की अपील की गई थी।
स्वदेशी समूह ने दावा किया था कि प्रस्तावित स्टेडियम स्थल उनकी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा हुआ है। समूह का कहना था कि बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य से न केवल पारंपरिक भूमि को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि वहां से जुड़े सांस्कृतिक प्रतीकों और ऐतिहासिक महत्व को भी खतरा हो सकता है। इसी आधार पर उन्होंने संघीय सरकार से स्थल को “खतरे में पड़ा संरक्षित क्षेत्र” घोषित करने की मांग की थी।
हालांकि, पर्यावरण मंत्री मरे वॉट ने विशेषज्ञ रिपोर्टों, कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध साक्ष्यों की विस्तृत समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि स्थल को संरक्षित घोषित करने के लिए आवश्यक कानूनी मानदंड पूरे नहीं होते। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार स्वदेशी समुदायों के सांस्कृतिक अधिकारों का सम्मान करती है, लेकिन इस मामले में निर्माण रोकने का कोई ठोस आधार नहीं पाया गया।
लगभग 3 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम ब्रिस्बेन में 2032 ओलंपिक खेलों का मुख्य केंद्र होगा। राज्य और संघीय सरकारों का कहना है कि परियोजना के दौरान पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक संवेदनशीलता से जुड़े सभी नियमों का पालन किया जाएगा तथा स्वदेशी समुदायों से संवाद की प्रक्रिया भी जारी रहेगी।
इस निर्णय के बाद जहां सरकार और ओलंपिक आयोजकों ने संतोष जताया है, वहीं स्वदेशी समूहों ने फैसले पर निराशा व्यक्त की है। उनका कहना है कि वे अपने सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।