गोल्ड कोस्ट/कैनबरा, 9 मार्च — ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मुकाबले के दौरान ईरान की कई महिला खिलाड़ियों द्वारा सुरक्षा और शरण की मांग किए जाने के बाद मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर कूटनीतिक मुद्दा बन सकता है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान की महिला फुटबॉल टीम की कम से कम पांच खिलाड़ी गोल्ड कोस्ट में अपने होटल से निकलकर ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से मदद मांगने के बाद अब ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस की सुरक्षा में हैं। बताया जा रहा है कि इन खिलाड़ियों ने रविवार रात खेले गए मैच के बाद गुप्त रूप से अधिकारियों से संपर्क किया था।
सूत्रों के मुताबिक सोमवार शाम होटल परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब ईरान से जुड़े कुछ निगरानीकर्मी (माइंडर्स) खिलाड़ियों को ढूंढते हुए होटल लॉबी में पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बनाए गए वीडियो में भी दावा किया गया है कि कुछ खिलाड़ी होटल से निकलकर सुरक्षा की तलाश में चली गई थीं।
शरण प्रक्रिया शुरू
ऑस्ट्रेलिया के गृह मामलों के विभाग ने खिलाड़ियों के दावों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यदि खिलाड़ी औपचारिक रूप से आवेदन करती हैं तो वे ऑस्ट्रेलिया के शरणार्थी कानून के तहत “प्रोटेक्शन वीज़ा” के लिए आवेदन कर सकती हैं।
ऑस्ट्रेलियाई कानून के अनुसार कोई भी व्यक्ति तब संरक्षण वीज़ा के लिए पात्र हो सकता है जब उसे अपने देश लौटने पर उत्पीड़न, राजनीतिक प्रताड़ना, धार्मिक या सामाजिक कारणों से खतरे, यातना या गंभीर नुकसान का वास्तविक भय हो।
आवेदन की प्रक्रिया के दौरान आवेदकों को सामान्यतः “ब्रिजिंग वीज़ा” दिया जाता है, जिससे वे जांच पूरी होने तक ऑस्ट्रेलिया में रह सकते हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क इस मामले को लेकर बयान जारी करने वाले हैं। वे सोमवार रात क्वींसलैंड पहुंचे और खिलाड़ियों से मिलने तथा स्थिति का जायजा लेने की तैयारी कर रहे हैं।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह पहली बार नहीं है जब किसी महिला फुटबॉल टीम को ऑस्ट्रेलिया से मदद मिली हो। 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान की महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को देश से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को शरण दी जाती है तो इससे ईरान और ऑस्ट्रेलिया के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ सकता है। फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई सरकार मामले की जांच कर रही है और खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।