सिडनी/तेल अवीव:
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुए भीषण आतंकी हमले के बाद इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अन्य वरिष्ठ इज़राइली नेताओं ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ पर कड़ी आलोचना की है। हमले में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। यह हमला यहूदी पर्व हनुक्का के दौरान हुआ, जिससे यहूदी समुदाय में गहरा आक्रोश और भय व्याप्त है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस घटना को “ठंडे दिमाग से की गई हत्या” करार देते हुए कहा कि यह वैश्विक यहूदी-विरोधी (एंटी-सेमिटिज़्म) की भयावह परिणति है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अगस्त में ही प्रधानमंत्री अल्बनीज़ को पत्र लिखकर ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते यहूदी-विरोधी माहौल के प्रति आगाह किया था, लेकिन कैनबरा ने निर्णायक कदम नहीं उठाए।
नेतन्याहू ने कहा,
“जब नेता चुप रहते हैं, तब यहूदी-विरोधी भावना फैलती है। यह एक कैंसर की तरह है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऑस्ट्रेलिया द्वारा फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की बात “आतंकवाद को इनाम देने” और यहूदी समुदाय के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देने जैसी है।
इज़राइल के एक अन्य वरिष्ठ मंत्री ने अल्बनीज़ की हमले के बाद जारी शोक-संवेदना को “अपमानजनक” बताते हुए कहा कि इस तरह की घटना की चेतावनी पहले ही दी जा चुकी थी।
इस बीच, नेतन्याहू ने हमले के दौरान हमलावर से भिड़कर हथियार छीनने वाले व्यक्ति की बहादुरी की सराहना की। प्रारंभिक तौर पर उसे यहूदी नायक बताया गया था, हालांकि बाद में सामने आया कि वह मुस्लिम हो सकता है।
न्यू साउथ वेल्स के स्वास्थ्य मंत्री रयान पार्क ने बताया कि घायलों में कई की हालत गंभीर है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और यहूदी धार्मिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ग़ाज़ा युद्ध को लेकर इज़राइल और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ा हुआ है। इज़राइल का आरोप है कि कुछ पश्चिमी देशों की नीतियां अनजाने में यहूदी-विरोधी ताकतों को प्रोत्साहित कर रही हैं।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक नेतन्याहू के इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि सरकार ने हमले की निंदा करते हुए दोषियों को सख्त सज़ा दिलाने का आश्वासन दिया है।