जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया, स्वास्थ्य कारणों का हवाला

जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया, स्वास्थ्य कारणों का हवाला

नई दिल्ली, 21 जुलाई 2025 — देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य संबंधी कारणों का उल्लेख करते हुए कहा कि चिकित्सकों की सलाह और व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना अब उनके लिए आवश्यक हो गया है।

धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे गए अपने पत्र में लिखा:

"मेरे लिए यह एक महान सौभाग्य और जिम्मेदारी रही है कि मैंने भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा की। लेकिन अब स्वास्थ्य कारणों से मुझे यह निर्णय लेना पड़ रहा है।"


🚨 क्या है इस्तीफे की पृष्ठभूमि?

  • पिछले कुछ महीनों से जगदीप धनखड़ की तबीयत ठीक नहीं चल रही थी।

  • मार्च में उन्हें AIIMS दिल्ली में कार्डियक इलाज के लिए भर्ती किया गया था।

  • जून में उत्तराखंड के नैनीताल में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर बेहोश हो गए थे।

  • चिकित्सकों ने उन्हें विश्राम और नियमित इलाज की सलाह दी थी।


🏛️ संवैधानिक प्रक्रिया

धनखड़ ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत इस्तीफा दिया है, जो उपराष्ट्रपति को स्वास्थ्य या अन्य व्यक्तिगत कारणों से पद त्यागने की अनुमति देता है।
अब राष्ट्रपति द्वारा चुनाव आयोग को सूचित किया जाएगा और आगामी कुछ हफ्तों में नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।


💬 राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

  • कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा,

    "इस इस्तीफे के पीछे कुछ और कारण भी हो सकते हैं, केवल स्वास्थ्य वजह नहीं लगती।"

  • भाजपा ने इसपर कहा कि "धनखड़ जी का स्वास्थ्य सर्वोपरि है और हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"


🙏 धनखड़ का कार्यकाल

  • अगस्त 2022 में भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था।

  • अपने कार्यकाल में उन्होंने कई बार राज्यसभा में अपनी स्पष्टवादिता और संविधान की व्याख्या को लेकर सुर्खियां बटोरी थीं।

  • प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू के साथ उनकी कार्यशैली को “संतुलित और गरिमामयी” माना जाता रहा है।


🔍 आगे की राह

अब अगले कुछ दिनों में:

  1. चुनाव आयोग नई तिथि घोषित करेगा।

  2. संभावित नामों पर सत्तापक्ष और विपक्ष विचार-विमर्श करेंगे।

  3. संसद के दोनों सदनों के सदस्य मिलकर नए उपराष्ट्रपति का चुनाव करेंगे।