चीन में एक बेहद चौंकाने वाली कार्रवाई के तहत सैकड़ों युवा महिला लेखिकाओं को सिर्फ इसलिए जेल में डाल दिया गया है क्योंकि उन्होंने ऑनलाइन मंचों पर कामुक कहानियाँ लिखीं। इन लेखिकाओं पर अश्लील सामग्री प्रकाशित करने और उससे मुनाफा कमाने का आरोप लगाया गया है।
गांसु प्रांत के लांझोउ शहर में ही इस वर्ष अब तक 300 से अधिक महिला लेखिकाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये सभी महिलाएं शिक्षित, मध्यवर्गीय और अधिकतर 20 से 30 वर्ष की उम्र की हैं।
चीनी सरकार के अनुसार, यह कार्रवाई “अश्लील और अनैतिक सामग्री” पर नियंत्रण के तहत की जा रही है। लेकिन मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि यह कदम चीन में नारीवाद और LGBTQ+ पहचान पर बढ़ते दमन का हिस्सा है।
चीन की यह कार्रवाई ताइवान में संचालित वेबसाइट Haitang Literature City को केंद्र में रखकर की गई है, जो मुख्य रूप से Boys’ Love (BL) यानी पुरुष पात्रों के बीच के संबंधों पर आधारित कहानियाँ प्रकाशित करती है। इस प्लेटफॉर्म पर लेखक अपनी कहानियाँ अपलोड करते हैं और पाठकों की संख्या के आधार पर उन्हें पैसे मिलते हैं।
BL शैली की कहानियाँ ज़्यादातर महिला लेखिकाएं महिला पाठकों के लिए लिखती हैं, जो आमतौर पर समलैंगिक नहीं होतीं। इस प्रकार की साहित्यिक शैली को ‘दानमेई’ कहा जाता है और यह चीन में युवतियों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, जिन लेखिकाओं की कहानियाँ अधिक लोकप्रिय हैं, उन्हें "पोर्नोग्राफी से लाभ कमाने" के गंभीर आरोपों में आजीवन कारावास तक की सज़ा दी जा सकती है। वहीं, कम पढ़ी जाने वाली लेखिकाओं को भी 3 साल तक की जेल की सजा दी जा रही है।
मानवाधिकार संगठन Global Voices की संपादक ओइवान लाम ने कहा, “यह कार्रवाई चीन में नारीवादी मूल्यों और LGBTQ+ पहचान पर चल रहे दमन का एक और उदाहरण है। साथ ही देश में घटती जन्म दर को लेकर सरकार की चिंता भी इसका कारण हो सकती है।”
चीन के राष्ट्रवादी समूह इन महिला लेखिकाओं को "भ्रष्ट पात्र" बता रहे हैं। लेकिन सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये महिलाएं सीमित संसाधनों वाली, पढ़ी-लिखी युवा महिलाएं हैं, जिनके पास अपनी कानूनी रक्षा के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं।
रेडियो फ्री एशिया (RFA) के अनुसार, कुछ लेखिकाएं महज़ 20 वर्ष की उम्र की हैं और वे केवल अपनी कल्पना और साहित्यिक अभिव्यक्ति के ज़रिए आमदनी करने की कोशिश कर रही थीं।