केरल का नाम बदलकर “केरलम” करने की प्रक्रिया शुरू

केरल का नाम बदलकर “केरलम” करने की प्रक्रिया शुरू

तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली: केरल राज्य का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से “केरलम” (Keralam) करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। राज्य विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है और अब इसे आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।

राज्य सरकार ने यह प्रस्ताव इस आधार पर पारित किया था कि “केरलम” शब्द मलयालम भाषा में राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को अधिक सटीक रूप से दर्शाता है। वर्तमान में अंग्रेज़ी में प्रचलित नाम “Kerala” है, जबकि स्थानीय भाषा में राज्य को “Keralam” कहा जाता है।

विधानसभा से केंद्र तक का सफर

केरल विधानसभा ने जून 2024 में सर्वसम्मति से राज्य का नाम “केरलम” करने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया। अब केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद इसे आगे राष्ट्रपति की मंजूरी तथा संसद में आवश्यक संवैधानिक संशोधन की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

क्या होगा आगे?

यदि संसद में संबंधित संशोधन पारित हो जाता है, तो संविधान की अनुसूचियों में भी राज्य का नाम “केरलम” दर्ज किया जाएगा। इसके बाद सभी आधिकारिक दस्तावेज़ों और सरकारी अभिलेखों में नया नाम लागू किया जाएगा।

नाम परिवर्तन का उद्देश्य

राज्य सरकार का कहना है कि यह बदलाव स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान में किया जा रहा है। इससे राज्य की पहचान को उसकी मातृभाषा के अनुरूप मान्यता मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि भारत में पहले भी कई राज्यों और शहरों के नाम स्थानीय भाषाओं के अनुरूप बदले गए हैं। भारत में यह प्रक्रिया संवैधानिक प्रावधानों के तहत की जाती है।

अब सभी की निगाहें संसद में होने वाली आगे की कार्यवाही पर टिकी हैं, जिसके बाद “केरलम” नाम आधिकारिक रूप से लागू हो सकेगा।