कोलकाता गैंगरेप केस: एक दशक तक दहशत का पर्याय रहा मनोजीत मिश्रा, मेडिकल रिपोर्ट ने खोली दरिंदगी की सच्चाई

कोलकाता गैंगरेप केस: एक दशक तक दहशत का पर्याय रहा मनोजीत मिश्रा, मेडिकल रिपोर्ट ने खोली दरिंदगी की सच्चाई

कोलकाता, 1 जुलाई 2025
कोलकाता गैंगरेप केस में नया खुलासा हुआ है जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी मनोजीत मिश्रा, जो बीते एक दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है, अब लॉ स्टूडेंट के गैंगरेप मामले में मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है।

मेडिकल जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए और उसके शरीर पर दरिंदगी के कई निशान पाए गए हैं। डॉक्टरों की टीम ने बताया कि पीड़िता के शरीर पर चोटों के ऐसे निशान हैं जो सामान्य हमले से नहीं हो सकते — इससे साफ है कि उसके साथ बर्बरता की गई।

📌 कौन है मनोजीत मिश्रा?

मनोजीत मिश्रा की पहचान सिर्फ इस मामले में नहीं हुई है, बल्कि वह पश्चिम बंगाल के कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह 2014 से लेकर अब तक कई बार गिरफ्तारी से बच निकला। उसके खिलाफ महिलाओं से छेड़छाड़, अवैध हथियारों की तस्करी, नशे के धंधे समेत कई गंभीर आरोप हैं।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह अक्सर राजनीतिक संरक्षण के चलते कानून की पकड़ से बाहर रहता था, लेकिन इस बार पीड़िता के साहस और मेडिकल साक्ष्यों के कारण उसकी काली करतूतों की पोल खुल गई है।

👩 पीड़िता की आपबीती

पीड़िता, जो एक प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज की छात्रा है, ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि कैसे मनोजीत और उसके दो साथियों ने उसे रास्ते से उठाकर एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।

🔍 जांच और आगे की कार्रवाई

कोलकाता पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और तीव्र गति से केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की तैयारी की जा रही है। राज्य महिला आयोग और मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

📢 जनाक्रोश और प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद कोलकाता और पूरे बंगाल में जनता का गुस्सा उभर आया है। छात्र संगठनों, महिलाओं की संस्थाओं और आम नागरिकों ने सड़कों पर उतर कर “जस्टिस फॉर लॉ स्टूडेंट” का नारा बुलंद किया है।