पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संस्थापक और दिग्गज नेता लालू प्रसाद यादव एक बार फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। यह उनका 13वां कार्यकाल होगा। शुक्रवार को पटना के एक होटल में आयोजित राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह औपचारिक घोषणा की गई। इस बैठक की शुरुआत लालू यादव, राबड़ी देवी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई।
राजद की परंपरा के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए केवल लालू यादव ने ही नामांकन दाखिल किया था, इसलिए उनका चुना जाना पहले से तय माना जा रहा था। इस बैठक में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर रणनीति पर भी चर्चा हुई। तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने पर भी गंभीर विचार हुआ।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव से पहले मतदाता सूची में बदलाव, बूथ स्तर पर मजबूती और समाज के हर वर्ग तक राजद की नीतियों को पहुंचाने की योजना पर चर्चा हुई। बैठक में यह भी स्पष्ट संकेत मिले कि तेजस्वी यादव ही पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे।
इस अवसर पर तेजस्वी यादव ने कहा, "हमारा लक्ष्य सामाजिक न्याय के साथ-साथ विकास को गति देना है। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।"
पार्टी में हाल ही में शामिल हुईं रेणु कुशवाहा की उपस्थिति ने भी सियासी हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया। तेजस्वी यादव की अगुवाई में पार्टी ने 20 सूत्रीय घोषणा पत्र भी तैयार किया है, जिसे जल्द ही जारी किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू यादव का पुनः अध्यक्ष चुना जाना पार्टी की एकजुटता को दर्शाता है और चुनावी तैयारियों के लिए यह एक मजबूत संकेत है।