सिडनी, 8 अगस्त — न्यू साउथ वेल्स में एक माँ अपने 13 वर्षीय बेटे की हत्या के आरोपी की रिहाई के बाद क़ानून में बदलाव की माँग कर रही है।
जनवरी 2022 में करियोंग (Kariong) क्षेत्र में 13 वर्षीय ब्रॉडी मॉरिस की उसके ही एक पूर्व मित्र ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। यह घटना एक पूर्व नियोजित झगड़े के दौरान हुई, जिसे देखने और वीडियो बनाने के लिए कई किशोर वहाँ मौजूद थे। हमलावर ने रसोई के चाकू से तीन बार वार किया, जिससे ब्रॉडी की मौके पर ही मौत हो गई।
मामला 2023 में पाँच महीने तक न्यू साउथ वेल्स सुप्रीम कोर्ट में चला। अभियुक्त ने हत्या से इनकार किया, लेकिन इस बात पर कोई विवाद नहीं था कि उसी ने चाकू से वार किया था। अदालत ने पुराने कानूनी सिद्धांत "डोली इंकापैक्स" (Doli Incapax) के तहत आरोपी को बरी कर दिया। इस सिद्धांत के अनुसार, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तब तक आपराधिक रूप से ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, जब तक यह साबित न हो जाए कि उन्हें अपने अपराध की गंभीरता का पूर्ण ज्ञान था।
ब्रॉडी की माँ, 40 वर्षीय क्रिस्टी मॉरिस ने अदालत के फ़ैसले को “न्याय की विफलता” बताते हुए कहा —
“मेरा दिल टूट चुका है। मेरे बेटे को मारने वाला लड़का बरी हो गया, न सज़ा, न कोई परिणाम। कानून ने कहा कि वह बहुत छोटा था यह समझने के लिए कि उसने क्या किया — लेकिन मेरा बेटा हमेशा के लिए चला गया।”
उन्होंने इस कानून को “कानूनी खामी” बताते हुए ऑनलाइन याचिका शुरू की है, जिस पर अब तक लगभग 2,000 लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। क्रिस्टी का कहना है कि आज के समय में स्मार्टफोन और इंटरनेट के ज़रिए बच्चे जल्दी परिपक्व हो जाते हैं और कई बार पूरी समझ के साथ हिंसा करते हैं, ऐसे में पुराना कानून अप्रासंगिक हो गया है।
उनकी मांग है कि बच्चों के लिए उम्र-उपयुक्त, पुनर्वास-उन्मुख लेकिन वास्तविक जवाबदेही सुनिश्चित करने वाला कानून बने।
यह घटना ऐसे समय में सुर्खियों में आई है जब न्यूकैसल के एजबर्थ क्षेत्र में एक अन्य 14 वर्षीय छात्रा की, कथित तौर पर, उसी होस्ट परिवार में रहने वाली 13 वर्षीय छात्रा ने चाकू से हत्या कर दी। यह 13 वर्षीय आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है और अक्टूबर में अगली सुनवाई होगी।