लिबरल पार्टी में नेतृत्व संकट गहराया, यूरोप दौरा बीच में छोड़ स्वदेश लौटेंगे दावेदार

लिबरल पार्टी में नेतृत्व संकट गहराया, यूरोप दौरा बीच में छोड़ स्वदेश लौटेंगे दावेदार

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की लिबरल पार्टी में नेतृत्व को लेकर जारी अनिश्चितता और गहरी हो गई है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और संभावित नेतृत्व दावेदार, जो इस समय यूरोप में निजी अवकाश पर हैं, अगले कुछ दिनों में अपना दौरा बीच में ही समाप्त कर ऑस्ट्रेलिया लौटने वाले हैं। उनके इस अचानक लौटने के फैसले को पार्टी के भीतर बढ़ती हलचल और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

राजनीतिक हलकों में जोरदार चर्चा है कि विपक्षी नेता Sussan Ley को पद से हटाने के लिए लिबरल पार्टी के भीतर नेतृत्व स्पिल की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि यूरोप से लौट रहे नेता पार्टी के सांसदों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर समर्थन जुटाने और मौजूदा स्थिति का आकलन करने में जुट जाएंगे।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल के सप्ताहों में विपक्ष के भीतर एकजुटता कमजोर पड़ी है। एंटीसेमिटिज़्म कानूनों को लेकर नेशनल्स पार्टी के फ्रंटबेंच के वॉकआउट और गठबंधन में आई दरार ने सुसैन ले के नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई सांसदों का मानना है कि मौजूदा हालात में विपक्ष सरकार पर प्रभावी दबाव बनाने में विफल रहा है, जिसकी जिम्मेदारी सीधे नेतृत्व पर आती है।

बताया जाता है कि संभावित नेतृत्व दावेदार का उद्देश्य यह जानना है कि यदि औपचारिक रूप से नेतृत्व स्पिल की प्रक्रिया शुरू होती है, तो उन्हें कितने सांसदों का समर्थन मिल सकता है। वे पार्टी के विभिन्न गुटों—वरिष्ठ नेताओं, मध्यमार्गी सांसदों और नए चेहरों—से बातचीत कर स्थिति को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे।

हालांकि, लिबरल पार्टी के कुछ नेता अभी भी नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि बार-बार नेतृत्व बदलने से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है और इससे मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है। दूसरी ओर, असंतुष्ट धड़ा मानता है कि बिना ठोस बदलाव के पार्टी का भविष्य और कमजोर हो सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिन लिबरल पार्टी के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। यदि समर्थन का पलड़ा सुसैन ले के खिलाफ झुकता है, तो नेतृत्व स्पिल लगभग तय माना जा रहा है। वहीं, यदि वह पार्टी को एकजुट रखने में सफल रहीं, तो फिलहाल संकट टल सकता है।

फिलहाल, कैनबरा के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लिबरल पार्टी जल्द ही नए नेता की ओर बढ़ती है या सुसैन ले अपने नेतृत्व को बचाने में कामयाब रहती हैं।