लंदन के मेयर का ट्रंप को करारा जवाब, कहा- "आपके अमेरिका से रिकॉर्ड संख्या में लोग ब्रिटेन आ रहे हैं"

लंदन के मेयर का ट्रंप को करारा जवाब, कहा- "आपके अमेरिका से रिकॉर्ड संख्या में लोग ब्रिटेन आ रहे हैं"

लंदन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यूके यात्रा ने राजनयिक मुद्दों से अधिक व्यक्तिगत टिप्पणियों और राजनीतिक विवादों को जन्म दिया है। इस बार उनके निशाने पर एक बार फिर लंदन के मेयर सर सादिक खान रहे, लेकिन इस बार जवाब पहले से कहीं ज्यादा तीखा और व्यंग्यपूर्ण था।

ट्रंप का विवादित बयान:

सोमवार को स्कॉटलैंड के टर्नबेरी में स्थित अपने निजी गोल्फ कोर्स पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर के साथ मुलाकात के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,

“सादिक खान एक बेहद बुरा इंसान हैं। उन्होंने लंदन को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। वह एक फेलियर हैं।”

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने सादिक खान के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया हो। दोनों नेताओं के बीच वर्षों से कड़वाहट चल रही है, जो ट्रंप के पहले राष्ट्रपति काल (2016-2020) के दौरान सार्वजनिक रूप से सामने आई थी।

मेयर कार्यालय की सधी हुई लेकिन तीखी प्रतिक्रिया:

लंदन के मेयर कार्यालय ने इस बार ट्रंप के बयान को हल्के में नहीं लिया और तुरंत पलटवार करते हुए कहा:

“जब एक ऐसे व्यक्ति की बात हो रही है जो खुद अपने देश में विभाजन और असंतोष के प्रतीक बन चुके हैं, तब उनके शब्दों को ब्रिटिश जनता गंभीरता से नहीं लेती। दिलचस्प बात यह है कि रिकॉर्ड संख्या में अमेरिकी नागरिक अब ट्रंप के अमेरिका को छोड़कर यूके में स्थायी बसावट की कोशिश कर रहे हैं। यह शायद उनके नेतृत्व पर जनमत का असली प्रमाण है।”

राजनीतिक और सामाजिक संदेश:

इस बयान का निहितार्थ सिर्फ एक व्यक्तिगत प्रतिक्रिया नहीं बल्कि एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संदेश भी था। मेयर कार्यालय ने न केवल ट्रंप के नेतृत्व की आलोचना की, बल्कि यूके में अमेरिकी प्रवास के आंकड़ों को उद्धृत कर यह संकेत भी दिया कि ट्रंप की नीति और शासनशैली से खुद अमेरिकी नागरिक असंतुष्ट हैं।

ट्रंप की यूके यात्रा का मिश्रित स्वरूप:

इस यात्रा के दौरान ट्रंप का एजेंडा दोहरा रहा — एक ओर वे अपने निजी व्यवसाय (गोल्फ रिसॉर्ट्स) का प्रचार कर रहे हैं, तो दूसरी ओर वे यूके के नेताओं से मुलाकात कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी राजनीतिक छवि को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

पृष्ठभूमि में चल रहे वैश्विक मुद्दे:

गौरतलब है कि ट्रंप ने इस दौरान रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भी बयान दिया, जिसमें उन्होंने पुतिन को युद्धविराम के लिए दी गई 50 दिनों की समयसीमा को घटाकर 10-12 दिन कर दिया। साथ ही गाजा में चल रही मानवीय त्रासदी पर भी उन्होंने इज़राइल की जिम्मेदारी की बात की — जो ट्रंप के पिछले बयानों की तुलना में एक बदला हुआ रुख दर्शाता है।