नई दिल्ली, 21 फरवरी 2026।
ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva का शनिवार सुबह राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री Narendra Modi उपस्थित रहे। राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं और यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ ब्राजील के राष्ट्रपति का स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों का औपचारिक परिचय कराया गया। इस दौरान भारत और ब्राजील के बीच बहुआयामी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई गई।
भारत और ब्राजील ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार 15.21 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाता है।
भारत का निर्यात: 8.35 अरब डॉलर
ब्राजील से आयात: 6.85 अरब डॉलर
ब्राजील में भारतीय निवेश: 15 अरब डॉलर से अधिक
राष्ट्रपति लूला ने कहा कि वर्तमान व्यापार स्तर दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की क्षमता के अनुरूप नहीं है और इसे 30 से 40 अरब डॉलर तक बढ़ाया जाना चाहिए। वे अपने साथ 260 ब्राजीलियाई उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल भी लाए हैं, जो अंतरिक्ष, रक्षा, फार्मा और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश संभावनाएं तलाशेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच द्विपक्षीय वार्ता में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ तत्वों पर अहम समझौते की संभावना है। ब्राजील दुनिया में रेयर अर्थ भंडार के मामले में दूसरे स्थान पर है और उसके पास लगभग 21 मिलियन मीट्रिक टन का विशाल भंडार है।
यह समझौता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने, हरित ऊर्जा संक्रमण को बढ़ावा देने और विकासशील देशों के सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक में रक्षा सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा, एथेनॉल उत्पादन, डिजिटल प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। ब्राजील की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर द्वारा भारत में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने की संभावना भी जताई गई है।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात और द्विपक्षीय वार्ता के बाद राष्ट्रपति लूला 22 फरवरी को दक्षिण कोरिया की यात्रा पर रवाना होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देगा और वैश्विक दक्षिण के सहयोग को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।