महाराष्ट्र विधानसभा में धर्म स्वतंत्रता विधेयक पारित, जबरन धर्मांतरण पर लगेगा अंकुश

महाराष्ट्र विधानसभा में धर्म स्वतंत्रता विधेयक पारित, जबरन धर्मांतरण पर लगेगा अंकुश

महाराष्ट्र विधानसभा ने सोमवार को धर्म स्वतंत्रता विधेयक को बहुमत से पारित कर दिया। यह विधेयक राज्य में जबरन, धोखे से या प्रलोभन देकर किए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। अब इस विधेयक को आगे की प्रक्रिया के तहत विधान परिषद में पेश किया जाएगा।

विधानसभा में इस विधेयक पर लंबी और विस्तृत चर्चा हुई। देर रात हुए मतदान में सदन ने बहुमत के साथ इसे मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधेयक को पेश करते हुए कहा कि यह कानून किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम है।

सत्तापक्ष ने बहस के दौरान तर्क दिया कि राज्य में जबरन और लालच देकर धर्म परिवर्तन के मामलों को रोकने के लिए सख्त कानून जरूरी है। वहीं, विपक्ष के कुछ दलों ने इस विधेयक पर चिंता जताई और इसके संभावित दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की। हालांकि, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने सरकार का समर्थन किया, जबकि कांग्रेस ने विधेयक का विरोध किया।

विधानसभा से पारित होने के बाद अब सभी की नजरें विधान परिषद पर टिकी हैं, जहां इस विधेयक पर आगे विचार किया जाएगा। यदि परिषद से भी मंजूरी मिल जाती है, तो यह कानून राज्य में लागू हो जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से अवैध और दबाव में किए जाने वाले धर्मांतरण के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।