मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार कारण बना उनका ताजा राजनीतिक दांव, जो अब तक के घटनाक्रमों को देखते हुए उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। कई राजनीतिक दलों ने उनका साथ छोड़ दिया है, जिससे उनका सत्ता में वापसी का सपना कमजोर होता दिख रहा है, फिर भी महाथिर की कहानी हमेशा से वापसी की रही है — और यह कोई अपवाद नहीं हो सकता।
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री पॉल कीटिंग ने उन्हें कभी 'हठी' (recalcitrant) कहा था, तो कई आलोचक उन्हें एक अधिनायकवादी नेता के रूप में देखते हैं। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि महाथिर ने मलेशिया को वैश्विक नक्शे पर एक नई पहचान दिलाई थी।
हाल के वर्षों में उनकी तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की खबरों ने यह संकेत दिया कि यह शायद उनके लंबे राजनीतिक जीवन का अंत हो सकता है। लेकिन, 99 वर्षीय महाथिर की राजनीति में वापसी करने की जिद और काबिलियत ने उन्हें एक 'कमबैक किंग' बना दिया है।
इस हफ्ते जब उन्होंने एक नई राजनीतिक चाल चली, तो उन्हें उम्मीद थी कि सत्ता का संतुलन उनके पक्ष में झुकेगा। परंतु राजनीतिक दलों की अदला-बदली और समर्थन वापस लेने की घटनाओं ने उन्हें झटका दिया। फिर भी उनके समर्थक अब भी जन्मदिन की बधाइयों और केक के साथ उनकी लंबी उम्र और अगली वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
महाथिर मोहम्मद का जीवन इस बात का प्रमाण है कि राजनीति में उम्र सिर्फ एक संख्या है — और वापसी की कहानी कभी खत्म नहीं होती।