ऑस्ट्रेलिया की अटॉर्नी-जनरल Michelle Rowland ने 14 वर्षों से जमी हुई सरकारी बैरिस्टरों की फीस में बड़ा इज़ाफा किया है। दिसंबर में quietly किए गए इस फैसले के तहत वरिष्ठ सरकारी बैरिस्टर अब प्रतिदिन अधिकतम $5000 तक शुल्क ले सकेंगे, जो पहले $3500 था। वहीं, जूनियर बैरिस्टरों की अधिकतम दैनिक दर $2300 से बढ़कर $3300 हो गई है।
यह बढ़ोतरी करीब 43 प्रतिशत की है और इसके नियम 2 मार्च से लागू होंगे। इस फैसले के बाद सरकारी खर्च और करदाताओं के पैसे के इस्तेमाल को लेकर बहस तेज हो गई है।
सरकार का कहना है कि निजी कानून फर्मों से प्रतिस्पर्धा के लिए यह कदम ज़रूरी था, जहां वरिष्ठ वकील एक दिन के $10,000 तक चार्ज करते हैं। सिडनी स्थित Criminal Law Group के अनुसार, निजी क्षेत्र में फीस इससे भी अधिक हो सकती है।
इस वेतन संशोधन के साथ-साथ बैरिस्टरों की नियुक्ति से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब सरकारी मामलों में दिए जाने वाले कम से कम 40 प्रतिशत ब्रीफ महिला बैरिस्टरों को दिए जाएंगे, जो पहले 25 प्रतिशत थे।
हालांकि, यह फैसला ऐसे समय आया है जब अटॉर्नी-जनरल विभाग के खर्चों पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। नवंबर में विभाग ने कैनबरा स्थित अपने कार्यालय के नवीनीकरण के लिए करीब $39.93 मिलियन की योजना पेश की थी। इस योजना की समीक्षा कर रही संसदीय समिति के अध्यक्ष Tony Zappia ने कहा कि समिति यह सुनिश्चित करेगी कि करदाताओं के पैसे का सही और प्रभावी उपयोग हो तथा नया कार्यालय कर्मचारियों की विविध जरूरतों को पूरा करे।
सरकार जहां इस कदम को कानूनी प्रतिभा बनाए रखने के लिए ज़रूरी बता रही है, वहीं विपक्ष और आलोचक इसे सरकारी खर्च में अनावश्यक बढ़ोतरी करार दे रहे हैं।