पेरिस के ऐतिहासिक सिटी हॉल के बाहर पिछले एक सप्ताह से 200 से अधिक प्रवासी परिवार, जिनमें बड़ी संख्या में छोटे बच्चे भी शामिल हैं, खुले आसमान के नीचे डेरा डाले हुए हैं। ये लोग फ्रांसीसी सरकार से आपातकालीन आवास उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
यह विरोध 5 अगस्त से शुरू हुआ, जब गैर-लाभकारी संगठन यूटोपिया 56 (Utopia 56) के दफ्तर में एक ही दिन में सैकड़ों लोग ठिकाने की तलाश में पहुंचे। संगठन का कहना है कि गर्मियों में सरकारी सेवाओं की धीमी गति और स्वयंसेवकों की कमी के कारण वे अपनी आपातकालीन आवास सेवा जारी रखने में असमर्थ हो गए हैं।
तपती धूप में गुज़ारा
सिटी हॉल के बाहर नीले तिरपाल और अस्थायी बाड़ों के सहारे बने टेंटों में परिवार दिन का समय काट रहे हैं। तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बावजूद बच्चे खेल रहे हैं, जबकि माताएं छोटे बच्चों की देखभाल में जुटी हैं। रात में प्रदर्शनकारी "हमें आवास चाहिए, सड़क पर एक भी बच्चा नहीं!" जैसे नारे लगाते हैं।
सरकार पर दबाव और आरोप
यूटोपिया 56 का कहना है कि उन्होंने पेरिस प्रशासन को प्रतिदिन स्थिति की गंभीरता के बारे में सूचित किया, लेकिन प्रतिक्रिया तभी मिली जब प्रदर्शन सार्वजनिक रूप से दिखाई देने लगा। संगठन ने 2024 ओलंपिक खेलों के बाद फ्रांस में बढ़ी हुई "आक्रामक बेदखली" की घटनाओं की भी आलोचना की है।
यूरोप में प्रवास का बड़ा मुद्दा
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में 25,000 से अधिक प्रवासी इंग्लिश चैनल पार कर चुके हैं। हाल ही में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने “वन इन, वन आउट” नीति का परीक्षण शुरू करने पर सहमति जताई है, जिसके तहत गैरकानूनी तरीके से आने वाले एक व्यक्ति को वापस भेजने के बदले एक को कानूनी रास्ते से प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि विपक्ष का कहना है कि यह नीति प्रवासियों को खतरनाक समुद्री यात्रा से नहीं रोकेगी।
यह प्रदर्शन फिलहाल जारी है और प्रवासी परिवारों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं मिलता, वे हटने वाले नहीं हैं।