ऑस्ट्रेलिया में किडनी रोग का खतरा बढ़ा, लाखों लोगों को बीमारी का पता ही नहीं

ऑस्ट्रेलिया में किडनी रोग का खतरा बढ़ा, लाखों लोगों को बीमारी का पता ही नहीं

ऑस्ट्रेलिया में किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ती जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार देश में लाखों लोग ऐसे हैं जिन्हें किडनी रोग है, लेकिन उन्हें अपनी बीमारी के बारे में पता ही नहीं है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो दशकों में किडनी फेल होने के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले 20 वर्षों में किडनी फेल होने के कारण उपचार लेने वाले लोगों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। वर्तमान में लगभग 27 लाख ऑस्ट्रेलियाई किडनी फेलियर के कारण इलाज करा चुके हैं या करा रहे हैं, जिनमें डायलिसिस और किडनी प्रत्यारोपण जैसे उपचार शामिल हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि किडनी रोग को अक्सर “साइलेंट डिजीज” कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती चरण में इसके लक्षण बहुत कम दिखाई देते हैं। इसी कारण बड़ी संख्या में लोगों को तब तक बीमारी का पता नहीं चलता, जब तक किडनी काफी प्रभावित नहीं हो जाती।

विशेषज्ञों के अनुसार मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और अस्वस्थ जीवनशैली किडनी रोग के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इसलिए डॉक्टर नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, संतुलित आहार लेने, पर्याप्त पानी पीने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की सलाह दे रहे हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर या परिवार में किडनी रोग का इतिहास है, तो उन्हें समय-समय पर किडनी की जांच अवश्य करानी चाहिए। समय रहते जांच और उपचार से किडनी फेल होने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और नियमित जांच ही इस गंभीर समस्या से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।