कैनबरा।
ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी घटनाओं (एंटी-सेमिटिज़्म) को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री Scott Morrison ने मौजूदा प्रधानमंत्री Anthony Albanese पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी सरकार की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने संसद में मंगलवार को कहा कि एंटी-सेमिटिज़्म केवल हाल के वर्षों की समस्या नहीं है और इसके लिए पूर्ववर्ती तथा मौजूदा, दोनों सरकारों को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह दावा गलत है कि यहूदी विरोधी घटनाएँ केवल सरकार बदलने के बाद ही शुरू हुईं।
इसके जवाब में स्कॉट मॉरिसन ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रधानमंत्री की टिप्पणी को “कमज़ोर और निराशाजनक” बताते हुए दावा किया कि लेबर सरकार के कार्यकाल में यहूदी विरोधी घटनाओं में पाँच गुना वृद्धि हुई है। मॉरिसन ने यह भी आरोप लगाया कि 7 अक्टूबर 2023 को इज़राइल पर हुए हमले के बाद सरकार की प्रतिक्रिया नेतृत्वहीन रही।
7 अक्टूबर 2023 को फ़िलिस्तीनी उग्रवादी संगठन Hamas ने Israel पर बड़ा हमला किया था, जिसमें लगभग 1200 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोगों को बंधक बनाया गया। इसके बाद ग़ाज़ा में इज़राइल की सैन्य कार्रवाई और मानवीय संकट ने वैश्विक स्तर पर विरोध-प्रदर्शनों को जन्म दिया।
ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख शहरों में भी इस संघर्ष को लेकर लगातार प्रदर्शन हुए, जिनमें कई बार यहूदी विरोधी नारे लगाए जाने के आरोप लगे। यहूदी समुदाय ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने मॉरिसन के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पूर्ववर्ती नेता कोई भी टिप्पणी करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछली गठबंधन सरकार के दौरान नस्लीय भेदभाव कानूनों में ढील देने के प्रयासों का यहूदी समुदाय ने विरोध किया था। अल्बनीज़ ने कहा कि उनकी सरकार ने घृणा अपराधों से निपटने के लिए कड़े क़ानून लागू किए हैं।
यह मुद्दा आने वाले समय में ऑस्ट्रेलियाई राजनीति और सामाजिक सौहार्द के लिए एक बड़ी चुनौती बना रह सकता है।