ऑस्ट्रेलिया के बड़े चार बैंकों में शामिल नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक (NAB) और उसकी सहायक कंपनी AFSH Nominees को वित्तीय कठिनाई झेल रहे ग्राहकों की 345 अर्जियों पर समय पर कार्रवाई न करने के लिए 15.5 मिलियन डॉलर का जुर्माना भरना होगा।
फेडरल कोर्ट की जस्टिस पेनलोप नेस्कोव्सिन ने पाया कि दोनों संस्थानों ने नेशनल क्रेडिट कोड के तहत निर्धारित 21 दिन की समयसीमा का उल्लंघन किया। इन अर्जियों में ग्राहकों ने गंभीर बीमारी, पारिवारिक हिंसा, रोजगार छूटना, व्यवसाय विफलता, प्राकृतिक आपदा, महामारी और पारिवारिक बिखराव जैसी वजहें बताई थीं।
न्यायाधीश ने कहा कि यह प्रावधान कमजोर और मुश्किल परिस्थितियों में फंसे ग्राहकों को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण है, और इतनी बड़ी संख्या में उल्लंघन इस लापरवाही की गंभीरता दर्शाते हैं।
ऑस्ट्रेलियन सिक्योरिटीज एंड इन्वेस्टमेंट्स कमीशन (ASIC) की उपाध्यक्ष सारा कोर्ट ने कहा,
"ये नाकामियां पहले से मुश्किल हालात झेल रहे लोगों के लिए और तकलीफदेह साबित हुईं। यह जुर्माना बाकी वित्तीय संस्थानों के लिए भी चेतावनी है कि ग्राहकों को हमेशा प्राथमिकता दें।"
एएसआईसी ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकतम जुर्माना सैकड़ों मिलियन डॉलर तक जा सकता था, लेकिन अदालत ने प्रस्तावित राशि को "पर्याप्त और प्रभावी निवारक" मानते हुए 15.5 मिलियन डॉलर पर मुहर लगा दी।
NAB पर 13 मिलियन डॉलर
AFSH Nominees पर 2.5 मिलियन डॉलर
दोनों को एएसआईसी की कानूनी लागत भी वहन करनी होगी।
अदालत ने माना कि यह जुर्माना NAB के 2024 के शुद्ध मुनाफे का 0.22% है, लेकिन इसे “सिर्फ व्यवसाय की लागत” समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।
ये उल्लंघन 2018 से 2023 के बीच हुए। हालांकि, दोनों कंपनियों ने भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने के लिए कदम उठाए और प्रभावित ग्राहकों से माफी मांगी। 60 ग्राहकों को औसतन 540 डॉलर का मुआवजा दिया गया।
कानून के अनुसार, अगर कोई गृहस्वामी अपने ऋण की किस्त चुकाने में असमर्थ महसूस करता है, तो बैंक को 21 दिन के भीतर जवाब देना या अतिरिक्त जानकारी मांगनी होती है।