कैनबरा।
ऑस्ट्रेलिया की नेशनल डिसेबिलिटी इंश्योरेंस स्कीम (NDIS) को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने बजट पर बढ़ते दबाव को देखते हुए इस योजना में सुधार करने का ऐलान किया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में संसाधनों का सही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है, और अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो यह कार्यक्रम आर्थिक बोझ बन सकता है।
सबसे अहम बदलाव के तहत ऑटिज़्म से पीड़ित बच्चों को एनडीआईएस पर पूरी तरह निर्भर रहने की बजाय मुख्यधारा की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की ओर मोड़ने की योजना है। सुधारों का खाका तैयार करने में शामिल विशेषज्ञों ने इसे “जरूरी और लंबे समय तक असर डालने वाला कदम” बताया है।
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने कहा कि यह सुधार आसान नहीं है, लेकिन देश और जरूरतमंदों के हित में जरूरी है। उन्होंने अपनी भारी चुनावी जीत को “एक बार मिलने वाले मौके” की तरह इस्तेमाल करते हुए संकेत दिया कि सरकार कठिन फैसलों से पीछे नहीं हटेगी।
एनडीआईएस 2013 में शुरू हुआ था, ताकि दिव्यांग नागरिकों को वित्तीय और सामाजिक सहारा मिल सके। लेकिन समय के साथ इस पर खर्च उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ गया है। अकेले ऑटिज़्म से जुड़े मामलों में कई गुना बढ़ोतरी हुई है, जिससे योजना पर दबाव और गहराया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर छोटे बच्चों को शुरू से ही स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं से पर्याप्त मदद मिले तो वे ज्यादा स्वतंत्र और बेहतर जीवन जी सकते हैं। इससे एनडीआईएस पर भार भी कम होगा और सरकारी बजट को स्थिरता मिलेगी।
इस कदम को अल्बानीज़ सरकार का साहसिक फैसला माना जा रहा है। विपक्ष ने जहां कुछ आशंकाएं जताई हैं, वहीं सरकार का कहना है कि यह बदलाव न केवल आर्थिक मजबूरी है बल्कि समाज के दीर्घकालिक हित में भी है।