NDIS में बढ़ती लागत और धोखाधड़ी पर सरकार सख्त, जांच की मांग तेज

NDIS में बढ़ती लागत और धोखाधड़ी पर सरकार सख्त, जांच की मांग तेज

ऑस्ट्रेलिया की लेबर सरकार राष्ट्रीय विकलांगता बीमा योजना (NDIS) में बढ़ती लागत और कथित धोखाधड़ी के मामलों को लेकर गंभीर होती जा रही है। सरकार ने इस योजना में हो रही गड़बड़ियों की जांच के लिए संसदीय समिति से औपचारिक रूप से जांच शुरू करने का आग्रह किया है।

NDIS मंत्री जेनी मैकएलिस्टर ने सोमवार को संसद की एक संयुक्त समिति को पत्र लिखकर योजना में धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन के मामलों की गहन जांच करने की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जांच के जरिए ऐसे उपाय सुझाए जाएं, जिससे भविष्य में इस तरह की समस्याओं को रोका जा सके।

सरकार का मानना है कि योजना के तहत कुछ छोटे स्तर के घोटाले, जैसे कि 1.9 लाख डॉलर तक की धोखाधड़ी, सामने आ रहे हैं, लेकिन असली चिंता योजना की कुल लागत को लेकर है, जो तेजी से बढ़ते हुए आने वाले वर्षों में 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।

लेबर सरकार मई में पेश होने वाले बजट से पहले NDIS के खर्चों पर नियंत्रण के लिए कड़े नियम लागू करने की तैयारी में है। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सहायता देना है, लेकिन इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो योजना की वित्तीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है। वहीं विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट रणनीति पेश करने की मांग की है।

NDIS ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी सामाजिक योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य विकलांग लोगों को आवश्यक सहायता और सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में इस योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।