बीजिंग/नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सोमवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। यह बैठक शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान हुई। दोनों नेताओं ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और भविष्य में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। एनएसए डोभाल ने विशेष रूप से आतंकवाद के सभी रूपों से मुकाबला करने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए इसे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए अनिवार्य बताया।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की थी। इस संदर्भ में डोभाल की टिप्पणी को भारत की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है।
डोभाल और वांग यी ने भारत-चीन विशेष प्रतिनिधि वार्ता के 24वें दौर को लेकर भी चर्चा की। एनएसए ने इस संवाद को जल्द से जल्द भारत में आयोजित करने की इच्छा जताई और कहा कि वह इसके लिए वांग यी के भारत दौरे का स्वागत करेंगे।
बयान में यह भी बताया गया कि दोनों पक्षों ने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने, आपसी विश्वास बहाल करने और द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास को गति देने की आवश्यकता को स्वीकार किया।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा की स्थिति बनी हुई है। इस बैठक को दोनों देशों के संबंधों में संतुलन और संवाद बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।