नई दिल्ली।
भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देश को बड़ी सौगात देने जा रहा है। रेलवे जल्द ही वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत एक्सप्रेस सहित कुल 11 नई ट्रेनों की शुरुआत करेगा। इन ट्रेनों से उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित 11 ट्रेनों में 8 अमृत भारत एक्सप्रेस, 1 वंदे भारत स्लीपर और 2 सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। खास बात यह है कि इन ट्रेनों की शुरुआत ऐसे समय में की जा रही है, जब पश्चिम बंगाल और असम में आगामी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
रेलवे द्वारा जिन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को शुरू किया जाएगा, उनके प्रमुख रूट इस प्रकार हैं—
आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) – हावड़ा
न्यू जलपाईगुड़ी – तिरुचिरापल्ली
एसएमवीटी बेंगलुरु – अलीपुरद्वार
अलीपुरद्वार – पनवेल
डिब्रूगढ़ – गोमती नगर (लखनऊ)
कामाख्या – रोहतक
सियालदह – वाराणसी
न्यू जलपाईगुड़ी – नागरकोली
अमृत भारत एक्सप्रेस को किफायती श्रेणी की ट्रेन माना जाता है, जिसमें कम किराए में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
रेलवे देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भी शुरू करने जा रहा है, जो हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी। यह ट्रेन 16 कोच की होगी, जिसमें—
11 थर्ड एसी कोच
4 सेकेंड एसी कोच
1 फर्स्ट एसी कोच
शामिल होंगे। यह ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम होगी। नारंगी और भूरे रंग की यह आधुनिक ट्रेन पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी।
यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी तक 958 किलोमीटर का सफर करीब 14 घंटे में तय करेगी। रास्ते में यह मालदा टाउन, न्यू जलपाईगुड़ी और कामाख्या जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में आरएसी और वेटिंग टिकट की सुविधा नहीं होगी।
रेलवे सूत्रों के अनुसार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संभावित किराया इस प्रकार हो सकता है—
हावड़ा से मालदा टाउन (3AC) – ₹960
हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी (3AC) – ₹1334
हावड़ा से कामाख्या (2AC) – ₹2970
हावड़ा से कामाख्या (1AC) – ₹3640
वहीं, कामाख्या से अन्य स्टेशनों तक थर्ड एसी, सेकेंड एसी और फर्स्ट एसी के किराए दूरी के अनुसार तय किए जाएंगे।
नई ट्रेनों के शुरू होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि पूर्वी भारत, उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच आवागमन भी अधिक सुगम हो जाएगा। रेलवे की यह पहल आधुनिक, तेज और किफायती रेल यात्रा की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।