मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर के सीबीडी (सेंट्रल बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट) क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। करीब 100 नकाबपोश पुरुषों ने ‘White Man Fight Back’ (श्वेत पुरुष, वापस लड़ो) लिखा हुआ पोस्टर लेकर जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई झंडे और नेशनल सोशलिस्ट नेटवर्क का ध्वज भी लहराया।
यह संगठन, जिसे 2020 में बनाया गया था, ऑस्ट्रेलिया का कुख्यात नियो-नाज़ी समूह है जो देशभर में सदस्य जुटाने के लिए विरोध-प्रदर्शन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता रहा है।
मार्च आधी रात करीब 12:40 बजे शुरू हुआ और भीड़ बर्क स्ट्रीट मॉल से होते हुए फ्लैगस्टाफ गार्डन तक पहुँची। पुलिस की गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं, लेकिन उन्होंने भीड़ को बिना रोके आगे बढ़ने दिया। करीब 1:25 बजे यह समूह बिखर गया।
पुलिस के अनुसार, मार्च के दौरान एक व्यक्ति ने प्रदर्शनकारियों का सामना किया, जिसके बाद उस पर हमला हुआ। घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
विक्टोरिया पुलिस ने कहा कि मार्च के दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
पुलिस प्रवक्ता ने बयान में कहा, “विक्टोरिया पुलिस विरोध प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन किसी भी तरह का यहूदी-विरोधी, नस्लभेदी या नफ़रत फैलाने वाला व्यवहार हमारे समाज में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
यह पहला मौका नहीं है जब मेलबर्न में ऐसे नियो-नाज़ी प्रदर्शन हुए हों। इससे पहले भी शहर में इसी तरह के मार्च और सभाएँ हो चुकी हैं, जिन पर समाज के विभिन्न वर्गों ने नाराज़गी जताई थी।