स्कूलों में अभद्र व्यवहार करने वाले अभिभावकों पर लगेगी रोक, नए कानून की तैयारी

स्कूलों में अभद्र व्यवहार करने वाले अभिभावकों पर लगेगी रोक, नए कानून की तैयारी

स्कूलों में शिक्षकों और प्राचार्यों के प्रति बढ़ते अभद्र और आक्रामक व्यवहार को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नए कानूनों के तहत ऐसे अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो स्कूल स्टाफ को धमकाते हैं, गाली-गलौज करते हैं या अनुचित दबाव डालते हैं।

सिडनी के एक प्रतिष्ठित बॉयज़ स्कूल के प्राचार्य ने खुलासा किया कि अभिभावकों द्वारा दुर्व्यवहार अब “रोजमर्रा की समस्या” बन चुका है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें अपशब्द कहे गए और यहां तक कि धमकियां भी दी गईं। यह स्थिति न केवल शिक्षकों के मनोबल को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्कूल के वातावरण को भी खराब कर रही है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाल के वर्षों में अभिभावकों द्वारा आक्रामक व्यवहार की घटनाओं में तेजी आई है। कुछ मामलों में अभिभावक सीधे स्कूल पहुंचकर हंगामा करते हैं, जबकि कई बार फोन या ईमेल के माध्यम से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।

प्रस्तावित कानूनों के तहत स्कूलों को अधिक अधिकार दिए जाएंगे, जिससे वे ऐसे अभिभावकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा सकें या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकें। इसके अलावा, गंभीर मामलों में जुर्माना या अन्य दंड भी निर्धारित किए जा सकते हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम समय की मांग है। उनका कहना है कि शिक्षकों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना जरूरी है, तभी वे छात्रों को बेहतर शिक्षा दे पाएंगे।

वहीं, कुछ अभिभावक संगठनों ने चिंता जताई है कि कानून का दुरुपयोग भी हो सकता है। उनका कहना है कि अभिभावकों की वैध शिकायतों को भी दबाया नहीं जाना चाहिए।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून का उद्देश्य अभिभावकों की आवाज को दबाना नहीं, बल्कि अनुशासन और सम्मान बनाए रखना है। इस पर अंतिम निर्णय जल्द ही लिया जा सकता है।