नई दिल्ली।
भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कार 2026 के लिए चयनित हस्तियों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 45 से अधिक लोगों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया गया है।
इस बार पद्म पुरस्कारों में विशेष रूप से ‘गुमनाम नायकों’ को प्राथमिकता दी गई है—ऐसे लोग जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, सामाजिक सेवा, आदिवासी कल्याण, महिला सशक्तिकरण और लोक कलाओं के संरक्षण में अपना पूरा जीवन समर्पित किया, लेकिन अब तक राष्ट्रीय पहचान से दूर रहे।
कर्नाटक के अंके गौड़ा, जिन्होंने दुनिया का सबसे बड़ा निशुल्क पुस्तकालय स्थापित किया, और महाराष्ट्र की बाल रोग विशेषज्ञ आर्मिडा फर्नांडिस, जिन्होंने एशिया का पहला मानव दूध बैंक शुरू किया, इस सूची के प्रमुख नामों में शामिल हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तमिलनाडु, असम सहित कई राज्यों के सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोक कलाकारों को भी सम्मानित किया गया है।
अंके गौड़ा (कर्नाटक)
आर्मिडा फर्नांडिस (महाराष्ट्र)
भगवान दास रायकवार (मध्य प्रदेश)
भिकल्या लाडक्या ढिंडा (महाराष्ट्र)
बृज लाल भट्ट (जम्मू-कश्मीर)
बुधरी ताती (छत्तीसगढ़)
चरण हेम्ब्रम (ओडिशा)
चिरंजी लाल यादव (उत्तर प्रदेश)
धार्मिकलाल चुन्नीलाल पांड्या (गुजरात)
कुमारस्वामी थंगराज (तेलंगाना)
पद्मा गुरमेट (जम्मू-कश्मीर)
पुन्नियामूर्ति नटेसन (तमिलनाडु)
श्याम सुंदर (उत्तर प्रदेश)
गफरुद्दीन मेवाती जोगी (राजस्थान)
गंभीर सिंह योनजोन (पश्चिम बंगाल)
हैली वार (मेघालय)
हरि माधव मुखोपाध्याय (पश्चिम बंगाल)
इंदरजीत सिंह सिद्धू (चंडीगढ़)
जोगेश दुरी (असम)
के. पाजनिवेल (पुडुचेरी)
कैलाश चंद्र पंत (मध्य प्रदेश)
खेम राज सुंद्रियाल (हरियाणा)
कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी (केरल)
महेंद्र कुमार मिश्रा (ओडिशा)
मंगला कपूर (उत्तर प्रदेश)
मीर हाजीभाई कसामभाई (गुजरात)
मोहन नागर (मध्य प्रदेश)
नरेश चंद्र देव वर्मा (त्रिपुरा)
निलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला (गुजरात)
नूरुद्दीन अहमद (असम)
ओथुवार तिरुथानी स्वामिनाथन (तमिलनाडु)
पोखिला लेकथेपी (असम)
आर. कृष्णन (तमिलनाडु)
रामचंद्र गोडबोले एवं सुनीता गोडबोले (छत्तीसगढ़)
रघुपत सिंह (उत्तर प्रदेश)
रघुवीर तुकाराम खेड़कर (महाराष्ट्र)
राजस्थापति कालीअप्पा गौंडर (तमिलनाडु)
रामा रेड्डी मामिडी (तेलंगाना)
एस. जी. सुशीला अम्मा (कर्नाटक)
सांग्युसांग एस. पोंगेनर (नागालैंड)
शफी शौक (जम्मू-कश्मीर)
श्रीरंग देवबा लाड (महाराष्ट्र)
सिमांचल पात्रो (ओडिशा)
सुरेश हनगावड़ी (कर्नाटक)
तगा राम भील (राजस्थान)
तेची गुबिन (आंध्र प्रदेश)
तिरुवारूर भक्तवत्सलम (तमिलनाडु)
तृप्ति मुखर्जी (पश्चिम बंगाल)
विश्व बंधु (बिहार)
युमनाम जात्रा सिंह (मणिपुर)
सरकार ने कहा है कि पद्म पुरस्कारों के माध्यम से देश उन लोगों को सम्मान दे रहा है जिन्होंने बिना किसी प्रचार के समाज को मजबूत बनाने का काम किया। यह सूची न केवल सम्मान की घोषणा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी है।