बिहार में अपराधों का ग्राफ बढ़ा, पटना अस्पताल मर्डर ने नीतीश सरकार की कानून व्यवस्था पर डाला साया

बिहार में अपराधों का ग्राफ बढ़ा, पटना अस्पताल मर्डर ने नीतीश सरकार की कानून व्यवस्था पर डाला साया

पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जिससे जनता में भय का माहौल है। राजधानी पटना के पारस अस्पताल में अपराधियों द्वारा सरेआम गोलीबारी की घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद विपक्षी दलों के साथ-साथ एनडीए के सहयोगी भी राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर सरकार पर कड़ी निंदा कर रहे हैं।

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय नेता चिराग पासवान ने बिहार में अपराध के बढ़ते ग्राफ को लेकर गहरा संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य में रोजाना हत्याएं हो रही हैं और अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे कानून और प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। चिराग ने कहा, "पटना के पारस अस्पताल में हुई गोलीबारी इस बात का सबूत है कि अपराधियों ने कानून व्यवस्था को पूरी तरह से नाकारा बना दिया है।"

चिराग पासवान ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद ट्वीट कर कहा, "बिहार में कानून व्यवस्था आज एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली समझ से परे है। चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था की इस बेपटरी स्थिति से जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। प्रशासन को तत्काल ठोस और कड़े कदम उठाने होंगे।"

विपक्षी दलों के साथ ही एनडीए के सहयोगी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि राज्य में कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई जाए। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।

इस बीच, प्रशासन की ओर से भी आश्वासन दिया गया है कि कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि जनता को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।