ब्रिस्बेन।
ऑस्ट्रेलिया की दक्षिणपंथी राजनीतिक पार्टी वन नेशन पार्टी की नेता पॉलिन हैनसन ने ऑस्ट्रेलिया डे के अवसर पर आयोजित रैलियों के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हाल ही में लागू किए गए नए घृणा-भाषण कानूनों को “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने वाला” करार देते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।
यह राजनीतिक बयानबाज़ी ऐसे समय सामने आई है जब वन नेशन पार्टी को जनमत सर्वेक्षणों में उल्लेखनीय बढ़त मिली है। हालिया न्यूज़पोल के अनुसार पार्टी का प्राथमिक वोट सात अंकों की वृद्धि के साथ 22 प्रतिशत तक पहुँच गया है, जबकि विपक्षी गठबंधन का समर्थन घटकर 21 प्रतिशत रह गया। इस उछाल को पार्टी के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
ऑस्ट्रेलिया डे के मौके पर ब्रिस्बेन और सिडनी सहित कई शहरों में आयोजित “मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया” रैलियों में पॉलिन हैनसन के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग जुटे। कुछ स्थानों पर “Pauline 4 PM” जैसे नारे और बैनर दिखाई दिए, जिन्हें उनके समर्थक प्रधानमंत्री पद के लिए एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं।
हालाँकि रैलियाँ कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहीं, लेकिन कुछ मौकों पर आव्रजन नीति और केंद्र सरकार के खिलाफ नाराज़गी भरे नारे भी सुनाई दिए।
ब्रिस्बेन के सेंट्रल बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट में आयोजित एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए हैनसन ने जलवायु परिवर्तन को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और देश के खनन व विनिर्माण क्षेत्रों की खुलकर पैरवी की। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की आर्थिक मजबूती इन्हीं उद्योगों से जुड़ी है और इन्हें कमजोर करना देशहित में नहीं है।
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन “देश को फिर से एकजुट करने” के उद्देश्य से समर्पित रहा है।
उन्होंने कहा, “मैंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में यही प्रयास किया है कि यह देश बंटे नहीं, बल्कि एक साथ आगे बढ़े।”
नए घृणा-भाषण कानूनों को लेकर पॉलिन हैनसन ने चेतावनी दी कि इनका इस्तेमाल भविष्य में छोटी राजनीतिक पार्टियों और असहमति की आवाज़ों को दबाने के लिए किया जा सकता है, विशेष रूप से आव्रजन और बहुसांस्कृतिक नीतियों पर बहस के संदर्भ में।
उन्होंने कहा, “हम अपनी अभिव्यक्ति की आज़ादी कभी नहीं छोड़ सकते। मुझे चुप कराने की कोशिशें होंगी, लेकिन मैं रुकने वाली नहीं हूँ।”
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ पर सीधा हमला बोलते हुए हैनसन ने बड़े पैमाने पर आव्रजन के लिए मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराया और उन्हें “ऑस्ट्रेलिया के इतिहास का सबसे खराब प्रधानमंत्री” तक कह डाला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम नागरिकों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है।
अपने भाषण के अंत में पॉलिन हैनसन ने अपेक्षाकृत नरम स्वर अपनाते हुए राष्ट्रीय एकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया उन सभी लोगों का है जो इसे अपना घर मानते हैं, चाहे वे यहीं जन्मे हों या प्रवासी हों, बशर्ते वे देश के मूल्यों और कानूनों का सम्मान करें।
उन्होंने कहा, “मेरा संदेश हमेशा समानता का रहा है — सभी ऑस्ट्रेलियाइयों को साथ लेकर चलने का।”