पॉलिन हैनसन ने विवादित कार्टून फ़िल्म का किया बचाव, संसद भवन में प्रदर्शन पर रोक

पॉलिन हैनसन ने विवादित कार्टून फ़िल्म का किया बचाव, संसद भवन में प्रदर्शन पर रोक

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की दक्षिणपंथी पार्टी वन नेशन की नेता Pauline Hanson की नई फ़ीचर-लेंथ कार्टून फ़िल्म प्लीज़ एक्सप्लेन विवादों में घिर गई है। ऑस्ट्रेलियाई फ़िल्म वर्गीकरण बोर्ड की एक तीखी रिपोर्ट के बाद इस फ़िल्म को संसद भवन (पार्लियामेंट हाउस) में दिखाने पर रोक लगा दी गई है।

वर्गीकरण बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में फ़िल्म को “अश्लील हास्य, अत्यधिक हिंसा और संवेदनशील सामाजिक मुद्दों का मज़ाक उड़ाने वाला” बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, फ़िल्म में लैंगिक पहचान, पीढ़ीगत आघात (विशेष रूप से आदिवासी समुदायों से जुड़ा), दिव्यांगता और LGBTQIA+ समुदाय जैसे विषयों को हल्के और अपमानजनक अंदाज़ में पेश किया गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फ़िल्म में कार्टून शैली में पशु-क्रूरता के दृश्य हैं, जिनमें पक्षियों और कंगारुओं को गंभीर रूप से घायल होते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा, कई दृश्य ऐसे हैं जिनमें सिर कटना, अंग भंग होना और वाहनों से टकराने जैसी हिंसक घटनाएँ शामिल हैं।

फ़िल्म में एक काल्पनिक पात्र “पीट” और उसके समर्थकों को लेकर इस्तेमाल की गई शब्दावली पर भी आपत्ति जताई गई है, जिसे बच्चों के यौन शोषण से जुड़े शब्दों से जोड़कर देखा गया है। रिपोर्ट का कहना है कि इस तरह की भाषा आपत्तिजनक और भड़काऊ हो सकती है।

इन सभी कारणों से फ़िल्म को “एम” (मॅच्योर) श्रेणी में रखा गया है, जबकि संसद प्रशासन ने इसे सार्वजनिक स्थानों पर दिखाए जाने के लिए अनुपयुक्त मानते हुए संसद भवन में प्रतिबंधित कर दिया।

हालाँकि, पॉलिन हैनसन ने इस फ़ैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह “कैंसल कल्चर” का उदाहरण है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। उनका कहना है कि फ़िल्म व्यंग्य है और राजनीतिक बहस को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।

यह फ़िल्म ऑस्ट्रेलिया डे के अवसर पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाने की तैयारी में है, लेकिन इसके कंटेंट को लेकर विवाद अभी भी जारी है।