रूस ने यूरोपीय विमान का जीपीएस जाम किया, पायलटों को कागज़ी नक्शों से करना पड़ा लैंडिंग

रूस ने यूरोपीय विमान का जीपीएस जाम किया, पायलटों को कागज़ी नक्शों से करना पड़ा लैंडिंग

ब्रसेल्स/वारसॉ। यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के विमान को उस समय बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब उड़ान के दौरान जीपीएस नेविगेशन सिस्टम अचानक बाधित हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, रूस द्वारा किए गए इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग (सिग्नल अवरोध) के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।

जीपीएस ठप, पायलटों ने अपनाया पारंपरिक तरीका

अधिकारियों के अनुसार, विमान के आधुनिक नेविगेशन सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया, जिसके बाद पायलटों को मजबूरन पुराने तरीके से कागज़ी नक्शों और मैनुअल प्रक्रियाओं का सहारा लेना पड़ा। सुरक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब विमान पूर्वी यूरोप के हवाई क्षेत्र से गुजर रहा था।

यूरोप ने जताई गंभीर चिंता

यूरोपीय अधिकारियों ने इस घटना को “गंभीर सुरक्षा चुनौती” बताते हुए रूस पर सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रूस लगातार पूर्वी यूरोप और बाल्टिक क्षेत्र में सिग्नल जैमिंग की कार्रवाई कर रहा है, जिससे न केवल सैन्य बल्कि नागरिक उड़ानों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंज

इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इस तरह की कार्रवाई दोहराई जाती है तो यह हवाई सुरक्षा के लिए बड़ा संकट बन सकती है। वहीं, यूरोपीय संघ ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को राजनयिक और सुरक्षा मंचों पर गंभीरता से उठाएगा।

👉 यह घटना न केवल तकनीकी निर्भरता की सीमाओं को उजागर करती है, बल्कि बदलते भू-राजनीतिक हालात में हवाई सुरक्षा पर नए सवाल भी खड़े करती है।