सिडनी के न्यू ईयर आयोजनों में पुलिस के पास होंगे पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली हथियार

सिडनी के न्यू ईयर आयोजनों में पुलिस के पास होंगे पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली हथियार

न्यू साउथ वेल्स (NSW) पुलिस आगामी नववर्ष समारोहों के दौरान पहली बार बड़े और लंबे हथियार (लॉन्ग-आर्म वेपन्स) लेकर तैनात होगी। यह फैसला बॉन्डी बीच में हुए आतंकी हमले के बाद सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

NSW के प्रीमियर Chris Minns ने लोगों से अपील की है कि वे डर के माहौल में न जिएँ और नववर्ष के अवसर पर सामान्य रूप से बाहर निकलें। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस दौरान पुलिस के हथियार आम लोगों के लिए असामान्य हो सकते हैं।

प्रीमियर ने कहा,
“NSW पुलिस बड़ी संख्या में तैनात होगी और कुछ स्थानों पर ऐसे हथियार लेकर होगी, जिन्हें लोगों ने पहले कभी नहीं देखा होगा। लेकिन यह कदम जनता की सुरक्षा और भरोसा बहाल करने के लिए जरूरी है।”

आमतौर पर NSW में बड़े सार्वजनिक आयोजनों में पुलिस द्वारा लंबे हथियार ले जाना परंपरा नहीं रही है, लेकिन सरकार का मानना है कि मौजूदा खतरे को देखते हुए यह कदम लोगों को अधिक सुरक्षित महसूस कराएगा। न्यू ईयर समारोहों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को “काफी बढ़ा हुआ” बताया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कार्यक्रम उच्च जोखिम वाला माना जा रहा है। हाल ही में बॉन्डी बीच पर हुए हनुक्का समारोह के दौरान हुए आतंकी हमले में 15 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हैं। उस घटना में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमला रोका नहीं जा सका।

प्रीमियर मिन्न्स ने स्वीकार किया कि भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अलग तरीके से देखने की जरूरत है। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कम्युनिटी सिक्योरिटी ग्रुप जैसे स्वयंसेवी संगठनों को हथियार ले जाने की अनुमति दी जाए, ताकि समुदाय विशेषकर यहूदी समुदाय, अपने आयोजनों के दौरान सुरक्षित महसूस कर सके।

इसके अलावा, राज्य सरकार न्यू साउथ वेल्स में सेना की तैनाती की संभावना पर भी चर्चा कर रही है। इसमें यहूदी स्कूलों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा शामिल हो सकती है।
मिन्न्स ने कहा, “हम इस पर बातचीत कर रहे हैं और किसी भी विकल्प को खारिज नहीं किया गया है।”

इस बीच, स्थानीय प्रशासन ने लोगों से बॉन्डी क्षेत्र में लौटने और स्थानीय व्यवसायों का समर्थन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की मौजूदगी से न सिर्फ आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि शहर डर के आगे नहीं झुकेगा।