आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार पवन कल्याण आज (2 सितंबर) अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। पवन कल्याण का फिल्मी और राजनीतिक सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। पर्दे पर जहां वे अपने दमदार एक्शन और संवादों से दर्शकों का दिल जीतते हैं, वहीं असल जिंदगी में भी वे अपनी साफगोई और निर्भीक अंदाज के लिए मशहूर हैं।
पवन कल्याण का जन्म 2 सितंबर 1971 को आंध्र प्रदेश के बापटला में हुआ। उनका असली नाम कोनिडाला कल्याण कुमार है। पिता का नाम कोनिडाला वेंकट राव और मां का नाम अंजना देवी है। बड़े भाई चिरंजीवी साउथ सिनेमा के मेगास्टार हैं, जबकि नागेंद्र बाबू भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं। खेती-किसानी करने का सपना देखने वाले पवन कल्याण को फिल्मों में आने की प्रेरणा भाभी सुरेखा (चिरंजीवी की पत्नी) से मिली।
पढ़ाई में खास रुचि न रखने वाले पवन कल्याण बचपन से ही मार्शल आर्ट्स में माहिर थे और कराटे में ब्लैक बेल्ट हासिल किया। 1996 में उन्होंने फिल्म ‘अक्कड़ा अम्मई इक्कड़ा अब्बाई’ से एक्टिंग डेब्यू किया। इसके बाद 1997 से 1999 तक उन्होंने लगातार छह हिट फिल्में दीं और ‘पावर स्टार’ के नाम से मशहूर हो गए।
उनकी हिट फिल्मों में ठोली प्रेमा, थम्मुडू, बद्री, खुशी, गब्बर सिंह, वकील साहब शामिल हैं। वे सात फिल्मों में स्टंट कोऑर्डिनेटर के रूप में भी काम कर चुके हैं।
पवन कल्याण की निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही है। उन्होंने तीन शादियां की हैं—
पहली शादी 1997 में नंदिनी से, जो 2008 में तलाक में खत्म हुई।
दूसरी शादी 2009 में अभिनेत्री रेनू देसाई से हुई, जिनसे उनके दो बच्चे अकीरा और आध्या हैं। यह रिश्ता भी 2012 में टूट गया।
तीसरी शादी 2013 में रूसी मूल की एन्ना लेजनेवा से हुई, जिनसे उनके दो बच्चे मार्क शंकर और पोलेना हैं।
2008 में उन्होंने भाई चिरंजीवी की पार्टी प्रजा राज्यम से राजनीति की शुरुआत की, लेकिन बाद में 2014 में अपनी जन सेना पार्टी बनाई। उन्होंने भाजपा और टीडीपी के गठबंधन का समर्थन किया और लोगों के बीच मजबूत जनाधार बनाया।
12 जून 2024 को वे आंध्र प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बने और 16 जून 2024 को उन्हें उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया।
पवन कल्याण ने कई हिंदी फिल्मों के साउथ रीमेक में काम किया है—
गब्बर सिंह (दबंग का रीमेक)
वकील साहब (पिंक का रीमेक)
गोपाला गोपाला (ओएमजी का रीमेक)
वहीं उनकी फिल्में भी हिंदी में रीमेक बनीं, जैसे ठोली प्रेमा से मुझे कुछ कहना है और बद्री से शर्त।
पवन कल्याण अपने बड़े भाई चिरंजीवी को हमेशा आदर्श मानते हैं। चुनावी जीत के बाद उनके चरण स्पर्श की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।