कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की लिबरल पार्टी में नेतृत्व को लेकर आंतरिक राजनीति तेज़ हो गई है। वरिष्ठ सांसदों और शैडो कैबिनेट के प्रभावशाली सदस्यों के बीच मौजूदा उपनेता सुसैन लेय को पद छोड़ने के लिए मनाने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। पार्टी के भीतर यह धारणा मजबूत होती जा रही है कि मौजूदा नेतृत्व विपक्ष की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने में असफल रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस संभावित नेतृत्व परिवर्तन को देखते हुए सांसद एंगस टेलर और एंड्रयू हैस्टी ने अपने-अपने स्तर पर सहयोगी सांसदों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। दोनों नेता आगामी हफ्तों को निर्णायक मानते हुए समर्थन जुटाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
अंदरूनी चर्चाओं में दोनों दावेदारों की स्थिति लगभग बराबर बताई जा रही है। किसी एक नेता को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा, जिससे पार्टी में अनिश्चितता और खिंचाव की स्थिति बनी हुई है। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो पार्टी की एकजुटता और सार्वजनिक छवि को नुकसान हो सकता है।
शैडो कैबिनेट के कुछ सदस्यों का यह भी कहना है कि नेतृत्व परिवर्तन से पार्टी को नई दिशा और ऊर्जा मिल सकती है, खासकर ऐसे समय में जब विपक्ष को सरकार पर प्रभावी दबाव बनाने की आवश्यकता है। हालांकि, ये चर्चाएं फिलहाल निजी स्तर पर ही हो रही हैं और सार्वजनिक मंच पर किसी ने खुलकर बयान नहीं दिया है।
दूसरी ओर, सुसैन लेय की तरफ से अब तक इस्तीफे या नेतृत्व छोड़ने को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनके समर्थकों का कहना है कि जल्दबाज़ी में लिया गया कोई भी फैसला पार्टी को और कमजोर कर सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले कुछ सप्ताह लिबरल पार्टी के भविष्य की दिशा तय करेंगे। यदि नेतृत्व को लेकर असंतोष इसी तरह बना रहा, तो पार्टी औपचारिक नेतृत्व चुनौती की ओर बढ़ सकती है, जिसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी पड़ेगा।