कीव/मॉस्को।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ज़रिये यूक्रेन को संदेश भेजा कि अगर वह डोनेट्स्क क्षेत्र छोड़ देता है, तो रूसी सेना आगे बढ़ना रोक देगी। लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इस प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया है।
डोनेट्स्क रीजन 2014 से रूस और यूक्रेन के बीच विवाद का मुख्य केंद्र रहा है। रूस समर्थित अलगाववादियों ने इस क्षेत्र पर कब्ज़ा जमाया और बाद में मॉस्को ने इसे अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश तेज़ कर दी। 2022 में पूर्ण युद्ध शुरू होने के बाद से डोनेट्स्क सबसे भीषण लड़ाई का मैदान बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में मॉस्को और वॉशिंगटन में हुई मुलाकात के बाद पुतिन ने ट्रंप से कहा कि वे ज़ेलेंस्की तक यह प्रस्ताव पहुँचाएँ। पुतिन का दावा है कि अगर यूक्रेन डोनेट्स्क से पीछे हट जाए तो रूसी सेना और आगे नहीं बढ़ेगी। यह संदेश ट्रंप ने सीधे ज़ेलेंस्की को पहुँचाया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने साफ़ शब्दों में कहा कि देश की संप्रभुता और सीमाओं पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि डोनेट्स्क समेत हर इंच ज़मीन यूक्रेन की है और इसे छोड़ा नहीं जा सकता। ज़ेलेंस्की ने कहा, “हम किसी भी तरह के दबाव या सौदे के आगे झुकेंगे नहीं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का यह प्रस्ताव असल में युद्धविराम की बजाय यूक्रेन पर दबाव बनाने की रणनीति है। वहीं, ज़ेलेंस्की के इंकार के बाद संकेत साफ हैं कि जंग फिलहाल थमने वाली नहीं है।