ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख एयरलाइन क्वांटस को कोविड-19 महामारी के दौरान रद्द की गई उड़ानों को लेकर दायर सामूहिक मुकदमे (क्लास एक्शन) के बाद लगभग 105 मिलियन डॉलर का भुगतान करना होगा। यह मामला उन हजारों यात्रियों से जुड़ा है जिन्हें नकद रिफंड देने के बजाय सीमित शर्तों वाले फ्लाइट क्रेडिट दिए गए थे।
महामारी के दौरान वैश्विक स्तर पर उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने शिकायत की कि जब उनकी उड़ानें रद्द हुईं, तब उन्हें सीधे पैसे वापस देने के बजाय भविष्य की यात्रा के लिए क्रेडिट वाउचर दिए गए, जिन पर कई तरह की शर्तें लागू थीं।
इसी मुद्दे को लेकर प्रभावित यात्रियों की ओर से सामूहिक मुकदमा दायर किया गया था। मामले के निपटारे के तहत क्वांटस ने समझौता करते हुए लगभग 105 मिलियन डॉलर देने पर सहमति जताई है। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित ग्राहकों को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।
उपभोक्ता अधिकार समूहों का कहना है कि यह फैसला यात्रियों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं एयरलाइन उद्योग के लिए यह संकेत है कि संकट की स्थिति में भी ग्राहकों के साथ पारदर्शिता और उचित व्यवहार बनाए रखना जरूरी है।
महामारी के दौरान दुनिया भर की एयरलाइनों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था, लेकिन इस मामले ने यह भी दिखाया कि उपभोक्ताओं के अधिकारों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भविष्य में एयरलाइनों को रिफंड नीतियों को अधिक स्पष्ट और ग्राहक-हितैषी बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी।