कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और हाल ही में संपन्न 2024 लोकसभा चुनावों को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली हुई और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संस्था, चुनाव आयोग अब निष्क्रिय हो चुकी है।
एक प्रेस वार्ता में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, "चुनाव आयोग मर चुका है। आज यह संस्था सरकार की कठपुतली बन गई है। देश में लोकतंत्र की रीढ़ मानी जाने वाली यह संस्था अब निष्पक्ष नहीं रही। लोकसभा चुनावों में जो कुछ हुआ, वह लोकतंत्र के लिए एक खतरे की घंटी है।"
राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं, ईवीएम से जुड़ी शिकायतें, विपक्षी दलों को दबाने की कोशिशें और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग – सबकुछ इस चुनाव में खुलकर सामने आया।
उन्होंने आगे कहा:
"ये चुनाव जनता की नहीं, सत्ता की योजना के तहत कराए गए। ईवीएम में गड़बड़ी, मीडिया का दुरुपयोग और प्रशासनिक तंत्र का मनमाना इस्तेमाल – सबकुछ दिखाता है कि ये निष्पक्ष चुनाव नहीं थे।"
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि विपक्षी दल अब एकजुट होकर इस "लोकतंत्र के हनन" के खिलाफ संघर्ष करेंगे और आने वाले राज्यों के चुनावों में जनता के बीच इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार
राहुल गांधी के इस तीखे बयान पर अभी तक चुनाव आयोग की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, अतीत में आयोग ऐसे आरोपों को निराधार बताता रहा है।
पृष्ठभूमि में क्या है?
2024 के लोकसभा चुनावों में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला था, लेकिन विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात और धांधली के आरोप बार-बार लगाए। कई सीटों पर ईवीएम में गड़बड़ी और पोस्टल बैलट्स को लेकर सवाल उठे थे।