बई, 14 जुलाई 2025 — महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। मराठी भाषा के समर्थन में दिए गए उनके हालिया भाषण को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसमें राज ठाकरे पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाने की मांग की गई है।
यह याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट के तीन वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दाखिल की है। उनका आरोप है कि राज ठाकरे ने अपने भाषण में ऐसी बातें कही हैं जो विभिन्न भाषाई और धार्मिक समुदायों के बीच असहमति और वैमनस्य को बढ़ावा देती हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह भाषण देश की अखंडता और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न कर सकता है।
राज ठाकरे ने अपने भाषण में महाराष्ट्र में मराठी भाषा के उपयोग को अनिवार्य करने और गैर-मराठी भाषी लोगों को लेकर उग्र टिप्पणियाँ की थीं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के बयान राज्य में भाषाई तनाव को बढ़ा सकते हैं और शांति व्यवस्था को भंग कर सकते हैं।
हाईकोर्ट ने इस मामले में अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन याचिका स्वीकार कर ली गई है और आने वाले दिनों में सुनवाई की तारीख तय की जा सकती है।
राज ठाकरे और उनकी पार्टी मनसे अक्सर महाराष्ट्र में मराठी अस्मिता और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं। इससे पहले भी उनके भाषणों को लेकर कई बार विवाद खड़े हो चुके हैं।
वकीलों द्वारा की गई यह पहल दर्शाती है कि अब भाषणों की सीमाओं को लेकर कानूनी कार्रवाई की माँग भी तेज होती जा रही है। अब देखना होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या राज ठाकरे पर NSA जैसी सख्त कार्रवाई होती है या नहीं।