सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय गुरुवार को Sydney Opera House में एक विशेष शोक सभा (विजिल) का आयोजन करेगा। इस आयोजन में बॉन्डी क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में मारे गए 15 निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। पीड़ितों के परिजन, समुदाय के सदस्य और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
आयोजकों के अनुसार, यह शोक सभा केवल स्मरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि हाल के दिनों में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद एक प्रतीकात्मक “पुनः-अधिकार” (Reclaiming) का संदेश भी देती है। समुदाय का कहना है कि सिडनी ओपेरा हाउस जैसे राष्ट्रीय और सांस्कृतिक प्रतीक को नफरत, भय या विभाजन की राजनीति से नहीं, बल्कि शांति, करुणा और एकता से जोड़ा जाना चाहिए।
शोक सभा के दौरान मोमबत्तियां जलाई जाएंगी, पीड़ितों के नाम पढ़े जाएंगे और मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके साथ ही, हिंसा और आतंक के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने का संकल्प भी लिया जाएगा। समुदाय के नेताओं ने कहा कि यह आयोजन किसी भी प्रकार के राजनीतिक टकराव के लिए नहीं है, बल्कि उन परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करने के लिए है जिन्होंने अपनों को खोया है।
पीड़ितों के परिजनों ने कहा कि यह कार्यक्रम उनके लिए भावनात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, ओपेरा हाउस जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर श्रद्धांजलि देना यह दर्शाता है कि पूरा देश उनके दुख में साथ खड़ा है और आतंक के आगे झुकने को तैयार नहीं है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने कार्यक्रम के लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं, ताकि शोक सभा शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। अधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें और कार्यक्रम की पवित्रता का सम्मान करें।
यह शोक सभा ऑस्ट्रेलिया की बहुसांस्कृतिक पहचान, धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक एकता का संदेश देती है। आयोजकों का कहना है कि “रीक्लेमिंग ऑस्ट्रेलिया” का अर्थ है—डर और नफरत को पीछे छोड़कर मानवता, शांति और आपसी सम्मान को आगे बढ़ाना।