रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ीं: शिकोहपुर जमीन घोटाले में ईडी ने 43 संपत्तियां की अटैच, 36 करोड़ की बताई जा रही है कीमत

रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ीं: शिकोहपुर जमीन घोटाले में ईडी ने 43 संपत्तियां की अटैच, 36 करोड़ की बताई जा रही है कीमत

नई दिल्ली/गुरुग्राम, 17 जुलाई 2025:
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा की कानूनी परेशानियां एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकोहपुर जमीन घोटाले से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी 43 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 36 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की है। एजेंसी ने इसी केस में गुरुग्राम की शिकोहपुर और आस-पास के इलाकों में जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े आरोपों को लेकर वाड्रा और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की है।

ईडी के अनुसार, जमीन खरीद के नाम पर नियमों की अनदेखी की गई, और बाद में इन जमीनों को ऊंचे दाम पर बेचकर गलत तरीके से मुनाफा कमाया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन लेन-देन में शेल कंपनियों और बेनामी संपत्तियों का सहारा लिया गया।

इससे पहले भी वाड्रा पर राजस्थान के बीकानेर जमीन घोटाले सहित कई मामलों में जांच चल रही है। हालांकि, रॉबर्ट वाड्रा ने हमेशा अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है और उन्हें राजनीतिक साजिश बताया है।

ईडी की ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि जांच एजेंसी इस मामले में और भी कड़ी कार्रवाई कर सकती है।

क्या है शिकोहपुर लैंड केस?
गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में साल 2008-10 के दौरान जमीनों की खरीद-बिक्री को लेकर नियमों की अनदेखी के आरोप लगे थे। कहा गया कि सामान्य किसानों से कम कीमत पर जमीन खरीदी गई और फिर उसे सरकारी मंजूरी के बाद बड़े बिल्डरों को ऊंची कीमतों पर बेचा गया।

इस केस में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी का नाम सामने आया था, जिस पर फर्जीवाड़े और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से लाभ कमाने के आरोप लगे।

आगे की कार्रवाई
ईडी ने कोर्ट को बताया कि जांच अभी जारी है और भविष्य में और लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, वाड्रा की ओर से अब तक इस नई कार्रवाई पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।